विस्फोटक मामले में गौरव-वैभव मोहन को कोर्ट ने जेल भेजा:पुलिस ने दो स्थानों पर छापा मारकर पकड़ा था 4800 किलोग्राम विस्फोटक, 42 नमूने जुटाए

विस्फोटक मामले में गौरव-वैभव मोहन को कोर्ट ने जेल भेजा:पुलिस ने दो स्थानों पर छापा मारकर पकड़ा था 4800 किलोग्राम विस्फोटक, 42 नमूने जुटाए

मेरठ के घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखे बनाने के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक मिश्रण जमा किए जाने के मामले में गिरफ्तार पटाखा कारोबारी भाई गौरव मोहन और वैभव मोहन को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। देहली गेट और रेलवे रोड पुलिस ने दोनों को अलग-अलग अदालतों में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। देर शाम पुलिस ने दोनों को जिला कारागार में दाखिल करा दिया। बुधवार को मेरठ पुलिस को सूचना मिली थी कि देहली गेट थाना क्षेत्र के लाला का बाजार स्थित एक दुकान में पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में विस्फोटक मिश्रण रखा है। सूचना पर पुलिस टीम ने गौरव मोहन पुत्र स्वर्गीय मोहनलाल अग्रवाल निवासी केसरगंज की लाला का बाजार स्थिति दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां भारी मात्रा में विस्फोटक मिश्रण मिला। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। केसरगंज में ड्रम और बोरों में भरा था मिश्रण
लाला का बाजार में कार्रवाई के कुछ ही देर बाद पुलिस टीमों ने रेलवे रोड थाना क्षेत्र के केसरगंज दाल मंडी का रुख किया। यहां एक बड़े गोदाम पर छापा मारा गया। गोदाम में बड़े-बड़े ड्रम और बोरों में अलग-अलग प्रकार का मिश्रण भरा हुआ था। पुलिस के अनुसार यह गोदाम गौरव मोहन के भाई वैभव मोहन का था। पुलिस ने वैभव को भी हिरासत में ले लिया। दोनों स्थानों से करीब 4800 किलोग्राम पटाखे बनाने में प्रयुक्त होने वाला विभिन्न प्रकार का विस्फोटक मिश्रण बरामद हुआ। बरामदगी इतनी बड़ी थी कि पुलिस टीमों को मिश्रण के प्रकार और मात्रा का विवरण तैयार करने में काफी समय लगा। शुक्रवार शाम तक इसका विवरण जुटाने की प्रक्रिया चलती रही। दोनों भाइयों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे
लाला का बाजार की दुकान से हुई बरामदगी के मामले में देहली गेट थाने में धारा 9बी, विस्फोटक अधिनियम-1884 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान इसमें धारा 4/5, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम-1908 की बढ़ोतरी की गई है। वहीं केसरगंज के गोदाम से हुई बरामदगी के मामले में रेलवे रोड थाने में गौरव मोहन और वैभव मोहन के खिलाफ संयुक्त मुकदमा दर्ज किया गया है। 42 नमूने छापे की कार्रवाई के दौरान उठाए
पुलिस ने दोनों स्थानों से बरामद मिश्रण के नमूने भी जांच के लिए सुरक्षित किए हैं। इन्हें एक टीम शनिवार को लेकर रवाना हो रही है। लाला का बाजार से फोरेंसिक टीम ने 15 नमूने लिए, जबकि केसरगंज से 27 नमूने जुटाए गए। इस तरह दोनों स्थानों से कुल 42 नमूने लिए गए हैं। लैब रिपोर्ट खोलेगी विस्फोटक की पूरी परत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट इस मामले की विवेचना में अहम होगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बरामद मिश्रण में कौन-कौन से रासायनिक पदार्थ हैं और उनकी प्रकृति क्या है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमों में कुछ और धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। गौरव पर पहले से दर्ज हैं पांच मुकदमे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गौरव मोहन के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत पहले से पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश मामले विस्फोटक से संबंधित हैं। वर्ष 2022 में रोहटा थाने में उसके खिलाफ धारा 304 के तहत भी मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मुकदमा एक हादसे के बाद दर्ज किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी। घनी आबादी में इतनी बड़ी मात्रा ने बढ़ाई चिंता
लाला का बाजार और केसरगंज शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके हैं। ऐसे स्थानों पर करीब 4800 किलो विस्फोटक मिश्रण मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के स्तर पर भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को ध्यान में रखा। सुनवाई के दौरान इस बात को गंभीर माना गया कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के जरिए आसपास रहने वाले सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। इसी आधार पर दोनों आरोपियों को राहत नहीं मिली और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब पुलिस की जांच फोरेंसिक रिपोर्ट, बरामद मिश्रण के स्रोत, उसे रखने की अनुमति और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित रहेगी।

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