खगड़िया जिले में गंगा और गंडक नदी की बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को महागठबंधन की एक टीम ने कई इलाकों का दौरा किया। सीपीआईएम, राजद और कांग्रेस के नेताओं वाली इस टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। टीम ने सरकार और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की भी जानकारी ली। टीम ने परबत्ता, गोगरी, खगड़िया और मानसी प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में लगी खरीफ फसलों के नुकसान, पानी में डूबे घरों और लोगों के सामान की क्षति का जायजा लिया। नेताओं ने बताया कि अचानक घरों में पानी घुसने से बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सड़क, बांध और ऊंचे स्थानों पर पॉलीथिन शीट के नीचे रहने को मजबूर हैं। गंदगी के पास भोजन कराने पर चिंता जताई इससे भोजन, पीने का पानी, शौचालय, पशु चारा और आने-जाने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। संजय कुमार ने कहा कि गंगा नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से खगड़िया की स्थिति गंभीर हो जाती है। इस बार की बाढ़ में खगड़िया, गोगरी और परबत्ता समेत कई प्रखंडों की बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। उन्होंने राहत व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कई सामुदायिक किचन में क्षमता से ज्यादा लोग हैं, इसलिए इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। संजय कुमार ने सलारपुर बांध के नीचे, खगड़िया कुम्हरचक्की और दुर्गापुर के सामुदायिक किचन में सड़क किनारे गंदगी के पास भोजन कराने पर चिंता जताई और व्यवस्था सुधारने की मांग की। मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी महागठबंधन के नेताओं ने मध्य रहीमपुर के चम्मन टोला में अब तक सामुदायिक किचन शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रभावित आबादी के हिसाब से नावों की संख्या बढ़ाने, पर्याप्त पशु चारा और पीने का पानी उपलब्ध कराने की भी मांग की। दौरे के दौरान टीम को लगार में 18 साल के छात्र नवनीत कुमार के डूबने से मौत की खबर मिली। इसके बाद महागठबंधन की टीम परबत्ता अस्पताल पहुंची और बाद में मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। क्षतिपूर्ति और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग टीम ने तेमथा करारी, नयागांव, माधवपुर, लगार, सलारपुर, बिसौनी, शिरोमणि टोला, चौधा बन्नी, नवटोलिया, भदले, बोरने, झिटकिया, रामपुर, रहीमपुर दक्षिणी-मध्य-उत्तरी, मटिहानी, जालिमबाबू टोला और पूरबी ठाठा सहित कई अन्य क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान का भी जिक्र किया। महागठबंधन ने जिले के व्यापक रूप से प्रभावित क्षेत्रों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने तथा सरकारी प्रावधानों के अनुसार सभी प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। दौरे में सीपीआईएम जिला सचिव सुरेन्द्र प्रसाद महतो, हरेराम चौधरी, नवीन चौधरी, राजद नेता अखिलेश्वर दास, प्रमोद यादव, कांग्रेस नेता प्रभाकर यादव, नवल यादव, सीपीआईएम नेता पियूष कुमार पंकज, अर्जुन सिंह और संजीव कुमार सहित अन्य नेता शामिल रहे। खगड़िया जिले में गंगा और गंडक नदी की बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को महागठबंधन की एक टीम ने कई इलाकों का दौरा किया। सीपीआईएम, राजद और कांग्रेस के नेताओं वाली इस टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। टीम ने सरकार और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की भी जानकारी ली। टीम ने परबत्ता, गोगरी, खगड़िया और मानसी प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में लगी खरीफ फसलों के नुकसान, पानी में डूबे घरों और लोगों के सामान की क्षति का जायजा लिया। नेताओं ने बताया कि अचानक घरों में पानी घुसने से बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सड़क, बांध और ऊंचे स्थानों पर पॉलीथिन शीट के नीचे रहने को मजबूर हैं। गंदगी के पास भोजन कराने पर चिंता जताई इससे भोजन, पीने का पानी, शौचालय, पशु चारा और आने-जाने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। संजय कुमार ने कहा कि गंगा नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से खगड़िया की स्थिति गंभीर हो जाती है। इस बार की बाढ़ में खगड़िया, गोगरी और परबत्ता समेत कई प्रखंडों की बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। उन्होंने राहत व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कई सामुदायिक किचन में क्षमता से ज्यादा लोग हैं, इसलिए इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। संजय कुमार ने सलारपुर बांध के नीचे, खगड़िया कुम्हरचक्की और दुर्गापुर के सामुदायिक किचन में सड़क किनारे गंदगी के पास भोजन कराने पर चिंता जताई और व्यवस्था सुधारने की मांग की। मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी महागठबंधन के नेताओं ने मध्य रहीमपुर के चम्मन टोला में अब तक सामुदायिक किचन शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रभावित आबादी के हिसाब से नावों की संख्या बढ़ाने, पर्याप्त पशु चारा और पीने का पानी उपलब्ध कराने की भी मांग की। दौरे के दौरान टीम को लगार में 18 साल के छात्र नवनीत कुमार के डूबने से मौत की खबर मिली। इसके बाद महागठबंधन की टीम परबत्ता अस्पताल पहुंची और बाद में मृतक के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। क्षतिपूर्ति और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग टीम ने तेमथा करारी, नयागांव, माधवपुर, लगार, सलारपुर, बिसौनी, शिरोमणि टोला, चौधा बन्नी, नवटोलिया, भदले, बोरने, झिटकिया, रामपुर, रहीमपुर दक्षिणी-मध्य-उत्तरी, मटिहानी, जालिमबाबू टोला और पूरबी ठाठा सहित कई अन्य क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान का भी जिक्र किया। महागठबंधन ने जिले के व्यापक रूप से प्रभावित क्षेत्रों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने तथा सरकारी प्रावधानों के अनुसार सभी प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। दौरे में सीपीआईएम जिला सचिव सुरेन्द्र प्रसाद महतो, हरेराम चौधरी, नवीन चौधरी, राजद नेता अखिलेश्वर दास, प्रमोद यादव, कांग्रेस नेता प्रभाकर यादव, नवल यादव, सीपीआईएम नेता पियूष कुमार पंकज, अर्जुन सिंह और संजीव कुमार सहित अन्य नेता शामिल रहे।

