बलिया में पैर से दिव्यांग 7 साल की रागिनी ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। रागिनी बांसडीह विधायक केतकी सिंह और अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंची। रागिनी के मां-बाप ने मुख्यमंत्री को बेटी की स्थिति और पढ़ाई में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने रागिनी से भी बात की। उसे आशीर्वाद दिया। इलाज को लेकर परिवार से 10 मिनट तक चर्चा की। रागिनी को आवास योजना के तहत घर दिया जाएगा। गांव में रोड भी बनेगी। उसका नाम रागिनी के नाम पर रखने का विधायक ने प्रस्ताव दिया। अब जानिए पूरा मामला… रागिनी मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा गांव के रानीपुर की रहने वाली है। उसके माता-पिता देवेंद्र राजभर और बबिता राजभर हैं। रागिनी पैर से दिव्यांग है। इससे उसे स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। उसने वीडियो बनाकर डीएम से मदद की गुहार लगाई थी। वीडियो सामने आने पर डीएम मंगला प्रसाद सिंह रानीपुर गांव पहुंचे थे। रागिनी को ट्राइसाइकिल, कॉपी, किताब दी थी। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 26 हजार रुपए की मदद की थी। फिजिक्स वाला के अखिल सर ने 10 लाख रुपए की मदद की थी। रागिनी का जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ ने रागिनी का चेकअप किया था। बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर जाने की सलाह दी थी। सीएम योगी ने दिए आवास और सड़क बनाने के निर्देश रागिनी की मां ने मुख्यमंत्री को बताया- परिवार के पास अपना घर नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने आवास देने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में सड़क बनवाने के लिए भी कहा। विधायक केतकी सिंह ने बताया कि इस सड़क का नाम ‘रागिनी की सड़क’ रखा जाएगा। बेहतर शिक्षा के लिए भी दिए निर्देश मुख्यमंत्री ने रागिनी की पढ़ाई को लेकर भी निर्देश दिए। विधायक के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बच्ची के इलाज और शिक्षा में हर संभव मदद का पहले भी आश्वासन दिया था। इस मुलाकात में उन्होंने रागिनी के पैर का इलाज कैसे बेहतर तरीके से कराया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की। बीएन इंटरनेशनल स्कूल में कराया गया दाखिला सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू ने रागिनी की केजी से पीजी तक की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। उन्होंने उसका दाखिला बीएन इंटरनेशनल स्कूल में कराया है। गुरुवार को रागिनी विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह और अपने माता-पिता के साथ लखनऊ पहुंची थी।

