मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का असर दान राशि पर भी दिख रहा है। मंदिर के गर्भगृह में रखे दानपात्र से गुरुवार को हुई गिनती में 16 लाख 45 हजार 500 रुपए मिले। दान राशि की गिनती देर शाम तक चली। बची हुई रकम की गिनती शुक्रवार को की जाएगी। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, दानपात्र से मिली पूरी रकम जिला सहकारी बैंक में जमा की जाएगी। साल 2026 में मंदिर में दान राशि में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जनवरी में 25 लाख 43 हजार 350 रुपए, मार्च में 24 लाख 27 हजार 670 रुपए, मई में 22 लाख 31 हजार रुपए और जुलाई में 31 लाख 40 हजार 20 रुपए मिले थे। सितंबर में बुधवार को पहले दिन की गिनती में 16 लाख 45 हजार 500 रुपए मिले हैं। इस तरह सितंबर की बची हुई रकम को जोड़े बिना ही वर्ष 2026 में अब तक 1 करोड़ 19 लाख 51 हजार 540 रुपए की दान राशि मिल चुकी है। विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मंदसौर पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के मुताबिक, हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या के साथ दान राशि भी बढ़ रही है। प्रबंधन इसे भगवान पशुपतिनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और मंदिर की बढ़ती पहचान से जोड़कर देख रहा है। यह लगातार बढ़ता दान धार्मिक पर्यटन के विस्तार का भी संकेत है।

