सीधी जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर गुरुवार शाम करीब 6:20 बजे एक युवक शराब के नशे में सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। उसके मुंह और नाक से खून बह रहा था। वह काफी देर तक सड़क किनारे पड़ा रहा, लेकिन अधिकारी-कर्मचारी वहां से गुजरते रहे। राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर उसे घेर लिया और मदद की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शी आदित्य मिश्रा ने बताया कि व्यक्ति करीब 15 से 20 मिनट से अधिक समय से वहां पड़ा था। इससे पहले वह कलेक्ट्रेट के अंदर वाले गेट से बाहर निकल रहा था और नशे की हालत में कह रहा था कि “मुझे बड़े आदमियों ने मारा है।” कुछ ही देर बाद वह अचानक सड़क पर गिर गया और बेहोश हो गया। घटना के बाद राहगीरों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची थी। इस दौरान कई लोग मौके पर मौजूद रहे और व्यक्ति के आसपास घेरा बनाकर खड़े दिखाई दिए। इन अधिकारियों की गाड़ियां गुजरी इसी दौरान डीएफओ प्रीति अहिरवार, तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों की गाड़ियां भी वहां से गुजरीं। आरोप है कि किसी ने भी वाहन रोककर घायल युवक की स्थिति जानने, उसे उठाने या एंबुलेंस को सूचना देने की पहल नहीं की। अधिकारी-कर्मचारी वहां से गुजरते रहे और राहगीर मदद के लिए खड़े रहे। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी सीपी तिवारी से जब इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने कहा कि “कोई इसकी मदद कर दे, लेकिन मैं नहीं कर पाऊंगा, क्योंकि मेरे पास कोई साधन नहीं है।” इसके बाद वे भी वहां से चले गए।

