शेखपुरा में जिला स्वास्थ्य विभाग का आत्महत्या रोकथाम दिवस:GNM कॉलेज में जागरूकता शिविर, टेली-मानस हेल्पलाइन की जानकारी दी

शेखपुरा में जिला स्वास्थ्य विभाग का आत्महत्या रोकथाम दिवस:GNM कॉलेज में जागरूकता शिविर, टेली-मानस हेल्पलाइन की जानकारी दी

शेखपुरा में गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, पटना के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया। इस मौके पर स्थानीय राजकीय जीएनएम कॉलेज में एक जागरूकता शिविर लगाया गया। कॉलेज की सभी छात्राओं ने लिया हिस्सा कार्यक्रम का मकसद छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। इस जागरूकता शिविर में डॉ. नौशाद आलम (जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी), प्रभाष पांडेय (जिला वित्त एवं लॉजिस्टिक्स सलाहकार), जीएनएम कॉलेज की प्राचार्य जय, शिक्षिका प्रियंका कुमारी और कॉलेज की सभी छात्राओं ने हिस्सा लिया। भावनात्मक परेशानी नहीं छिपाने की अपील डॉ. नौशाद आलम ने छात्राओं से कहा कि मानसिक तनाव, निराशा, अकेलापन या किसी भी तरह की भावनात्मक परेशानी को छिपाना नहीं चाहिए। इसके बजाय अपने परिवार, शिक्षक, दोस्त या स्वास्थ्यकर्मी से खुलकर बात करनी चाहिए। एक्सपर्ट्स की ले सकते हैं मदद उन्होंने बताया कि समय पर किसी व्यक्ति की परेशानी को समझना और उसे भावनात्मक सहयोग देना आत्महत्या रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। शिविर में छात्राओं को यह भी बताया गया कि पढ़ाई, पारिवारिक हालात, निजी समस्याएं या भविष्य को लेकर ज्यादा तनाव मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। ऐसे समय में सकारात्मक सोच, बातचीत, सहयोग और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। सहयोग करने की शपथ ली कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी होने पर इस नंबर पर प्रशिक्षित विशेषज्ञों से सहायता और परामर्श ले सकते हैं। कार्यशाला में छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम से जुड़ी अहम जानकारी मिली। उन्होंने अपने आसपास के लोगों की भावनात्मक परेशानियों को समझने और जरूरत पड़ने पर सहयोग करने की शपथ ली। यह भी संदेश दिया गया कि जीवन अनमोल है, परेशानी में चुप न रहें, बात करें और मदद लें। शेखपुरा में गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, पटना के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया। इस मौके पर स्थानीय राजकीय जीएनएम कॉलेज में एक जागरूकता शिविर लगाया गया। कॉलेज की सभी छात्राओं ने लिया हिस्सा कार्यक्रम का मकसद छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। इस जागरूकता शिविर में डॉ. नौशाद आलम (जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी), प्रभाष पांडेय (जिला वित्त एवं लॉजिस्टिक्स सलाहकार), जीएनएम कॉलेज की प्राचार्य जय, शिक्षिका प्रियंका कुमारी और कॉलेज की सभी छात्राओं ने हिस्सा लिया। भावनात्मक परेशानी नहीं छिपाने की अपील डॉ. नौशाद आलम ने छात्राओं से कहा कि मानसिक तनाव, निराशा, अकेलापन या किसी भी तरह की भावनात्मक परेशानी को छिपाना नहीं चाहिए। इसके बजाय अपने परिवार, शिक्षक, दोस्त या स्वास्थ्यकर्मी से खुलकर बात करनी चाहिए। एक्सपर्ट्स की ले सकते हैं मदद उन्होंने बताया कि समय पर किसी व्यक्ति की परेशानी को समझना और उसे भावनात्मक सहयोग देना आत्महत्या रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। शिविर में छात्राओं को यह भी बताया गया कि पढ़ाई, पारिवारिक हालात, निजी समस्याएं या भविष्य को लेकर ज्यादा तनाव मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। ऐसे समय में सकारात्मक सोच, बातचीत, सहयोग और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। सहयोग करने की शपथ ली कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी होने पर इस नंबर पर प्रशिक्षित विशेषज्ञों से सहायता और परामर्श ले सकते हैं। कार्यशाला में छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम से जुड़ी अहम जानकारी मिली। उन्होंने अपने आसपास के लोगों की भावनात्मक परेशानियों को समझने और जरूरत पड़ने पर सहयोग करने की शपथ ली। यह भी संदेश दिया गया कि जीवन अनमोल है, परेशानी में चुप न रहें, बात करें और मदद लें।  

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