नर्मदापुरम में नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भपात कराने के मामले में गिरफ्तार 5 आरोपियों को गुरुवार को जिला न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए। साथ ही मामले में आरोपी महिला डॉक्टर की डिग्रियों की जांच के निर्देश पुलिस को दिए हैं। छठी आरोपी दीपिका राजपूत अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गुरुवार सुबह मुख्य आरोपी अजीत सिंह राजपूत को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया। मीडिया को देखते ही उसने चेहरे पर हाथ रखकर खुद को छिपाने की कोशिश की। दोपहर करीब 1 बजे महिला डॉक्टर ममता राजपूत समेत अन्य आरोपियों को मेडिकल के लिए अस्पताल लाया गया। मेडिकल के बाद सभी को एक साथ कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान सभी आरोपियों के चेहरे ढंके हुए थे। होटल में ले जाकर दुष्कर्म का आरोप पुलिस के अनुसार, पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से जान-पहचान थी। अक्टूबर 2025 में आरोपी पीड़िता को शहर के एक होटल में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। कुछ दिन बाद पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। पीड़िता ने यह बात एक निजी स्कूल की प्राचार्य को बताई थी। इसके बाद प्राचार्य ने महिला डॉक्टर स्वाती मिर्धा से उसका चेकअप और इलाज कराया। पुलिस के अनुसार, 19 फरवरी की रात पीड़िता का गर्भपात कराया गया। इसके बाद उसे डरा-धमकाकर मामला दबाने का आरोप है। करीब 8 महीने बाद आरोपी ने पीड़िता के बारे में गलत बातें फैलानी शुरू कीं। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों को पूरी जानकारी दी और थाने में शिकायत दर्ज कराई। होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच वारदात शहर के एक नामी होटल में होने के कारण पुलिस होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि नाबालिग को कमरा देते समय होटल प्रबंधन ने कौन से दस्तावेज लिए थे और प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस मामले में फरार आरोपी दीपिका राजपूत की तलाश कर रही है। साथ ही कोर्ट के निर्देश के बाद आरोपी महिला डॉक्टर की डिग्रियों की भी जांच की जाएगी।

