विसर्जन के दौरान डूबे व्यक्ति की बॉडी मिली:दरभंगा में 3 दिन बाद 5 किमी दूर मिला शव, SDRF ने चलाया था सर्च ऑपरेशन

विसर्जन के दौरान डूबे व्यक्ति की बॉडी मिली:दरभंगा में 3 दिन बाद 5 किमी दूर मिला शव, SDRF ने चलाया था सर्च ऑपरेशन

दरभंगा के एपीएम थाना क्षेत्र की मिर्जापुर पंचायत के मनोरथा गांव में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी में डूबे 55 वर्षीय विनोद सहनी उर्फ बौका सहनी का शव तीन दिन बाद बरामद हुआ। गुरुवार को उनका शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर नदी में तैरता मिला। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। प्रतिमा विसर्जन के दौरान गहरे पानी में चले गए थे विनोद जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मनोरथा गांव के दर्जनों लोग कृष्ण जन्माष्टमी के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए खर्रा घाट पहुंचे थे। प्रतिमा विसर्जन के दौरान ग्रामीण नदी में उतरे थे। इस समय नदी में काफी पानी है और तेज धारा भी बह रही है। इसी दौरान विनोद सहनी उर्फ बौका सहनी गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर अचानक लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद हायाघाट के अंचलाधिकारी को घटना की जानकारी दी गई। प्रशासन की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। तीन दिन तक नदी में चलता रहा खोज अभियान मंगलवार की देर रात तक स्थानीय ग्रामीणों ने भी नदी में उतरकर विनोद सहनी की तलाश की, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद बुधवार और गुरुवार को भी एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में उनकी तलाश करती रही। करीब तीन दिनों तक चले खोज अभियान के बाद गुरुवार को बहेड़ी थाना क्षेत्र के करेह नदी में उनका शव तैरता हुआ मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया।
परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की मृतक की पुत्रवधू पूनम देवी ने बताया कि उनके ससुर प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी में उतरे थे। गहरे पानी में जाने के बाद वे डूब गए। उस समय परिवार के लोग घर पर थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग नदी किनारे पहुंचे और काफी खोजबीन की, लेकिन उनका पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ की टीम ने भी तीन दिनों तक तलाश की। गुरुवार को शव मिलने की सूचना मिली। पूनम देवी ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और मृतक ही परिवार की मदद करते थे। तेज बहाव और अंधेरे के कारण तलाश में हुई परेशानी मृतक के भाई की पत्नी अमृता देवी ने बताया कि विनोद सहनी प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी में कूदे थे। कुछ देर बाद वे दिखाई नहीं दिए। नदी में इस समय काफी गहराई और तेज बहाव है। घटना के समय अंधेरा भी हो गया था, जिसके कारण ग्रामीणों को तलाश करने में परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने भी लगातार तलाश की। अमृता देवी ने भी सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने कराई लगातार खोजबीन हायाघाट के अंचलाधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि घटना के बाद से ही प्रशासन की ओर से खोजबीन कराई जा रही थी। एसडीआरएफ की टीम भी लगातार नदी में तलाशी अभियान चला रही थी। गुरुवार को शिवाजीनगर इलाके में नदी में शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद शव को बरामद कर आगे की कार्रवाई की गई। एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि शव बरामद किया गया है। शव को खर्रा घाट लाया गया, जहां से पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। दरभंगा के एपीएम थाना क्षेत्र की मिर्जापुर पंचायत के मनोरथा गांव में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी में डूबे 55 वर्षीय विनोद सहनी उर्फ बौका सहनी का शव तीन दिन बाद बरामद हुआ। गुरुवार को उनका शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर नदी में तैरता मिला। शव मिलने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। प्रतिमा विसर्जन के दौरान गहरे पानी में चले गए थे विनोद जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मनोरथा गांव के दर्जनों लोग कृष्ण जन्माष्टमी के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए खर्रा घाट पहुंचे थे। प्रतिमा विसर्जन के दौरान ग्रामीण नदी में उतरे थे। इस समय नदी में काफी पानी है और तेज धारा भी बह रही है। इसी दौरान विनोद सहनी उर्फ बौका सहनी गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर अचानक लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद हायाघाट के अंचलाधिकारी को घटना की जानकारी दी गई। प्रशासन की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। तीन दिन तक नदी में चलता रहा खोज अभियान मंगलवार की देर रात तक स्थानीय ग्रामीणों ने भी नदी में उतरकर विनोद सहनी की तलाश की, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद बुधवार और गुरुवार को भी एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में उनकी तलाश करती रही। करीब तीन दिनों तक चले खोज अभियान के बाद गुरुवार को बहेड़ी थाना क्षेत्र के करेह नदी में उनका शव तैरता हुआ मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया।
परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की मृतक की पुत्रवधू पूनम देवी ने बताया कि उनके ससुर प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी में उतरे थे। गहरे पानी में जाने के बाद वे डूब गए। उस समय परिवार के लोग घर पर थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग नदी किनारे पहुंचे और काफी खोजबीन की, लेकिन उनका पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ की टीम ने भी तीन दिनों तक तलाश की। गुरुवार को शव मिलने की सूचना मिली। पूनम देवी ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और मृतक ही परिवार की मदद करते थे। तेज बहाव और अंधेरे के कारण तलाश में हुई परेशानी मृतक के भाई की पत्नी अमृता देवी ने बताया कि विनोद सहनी प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी में कूदे थे। कुछ देर बाद वे दिखाई नहीं दिए। नदी में इस समय काफी गहराई और तेज बहाव है। घटना के समय अंधेरा भी हो गया था, जिसके कारण ग्रामीणों को तलाश करने में परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने भी लगातार तलाश की। अमृता देवी ने भी सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने कराई लगातार खोजबीन हायाघाट के अंचलाधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि घटना के बाद से ही प्रशासन की ओर से खोजबीन कराई जा रही थी। एसडीआरएफ की टीम भी लगातार नदी में तलाशी अभियान चला रही थी। गुरुवार को शिवाजीनगर इलाके में नदी में शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद शव को बरामद कर आगे की कार्रवाई की गई। एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि शव बरामद किया गया है। शव को खर्रा घाट लाया गया, जहां से पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।  

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