जामताड़ा में एसआईआर (SIR) रिपोर्ट को लेकर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि रिपोर्ट में ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की मिसाल सामने आई है, जहां एक ही घर में हिंदू, मुस्लिम और आदिवासी समुदाय के 54 लोग दर्ज मिले हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण और भाजपा नेता हरिमोहन मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जामताड़ा नगर के भाग संख्या 243 का जिक्र किया। बताया कि गृह संख्या 1 में मुस्लिम समुदाय के अंसारी, आदिवासी और तिवारी एक साथ दर्ज हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि इससे साफ होता है कि एसआईआर के नाम पर ‘बड़ा खेल’ चल रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि भाग संख्या 243 के गृह संख्या 1 में सीरियल नंबर 14 पर शेख नसीम, सीरियल नंबर 55 पर विजय सोरेन और सीरियल नंबर 48 पर कौशिक तिवारी दर्ज हैं। भाजपा ने इस बात पर सवाल उठाया कि ये सभी लोग एक ही घर में कैसे रह सकते हैं और जिला प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े किए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने गृह संख्या 0 पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह संख्या 0 बड़े शहरों में उन लोगों के लिए होती है जो दूसरे राज्यों से रोजगार के लिए आते हैं और फुटपाथ पर रहते हैं, ताकि वे वोट देने से वंचित न रहें। लेकिन जामताड़ा जैसे छोटे जिले में न तो कोई फुटपाथ पर सोता है और न ही कोई बाहर से रोजगार के लिए आया है। ऐसे में गृह संख्या 0 पर किन लोगों को रखा गया है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया था कि जामताड़ा जिले में 14 हजार आदिवासियों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। कुछ को अनुपस्थित दिखाया गया है तो कुछ को शिफ्टिंग के नाम पर हटाया गया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष ने सवाल खड़ा किया कि आदिवासियों का नाम काटकर मुस्लिम समुदाय विशेष लोगों को नाम जोड़ा जा रहा है जो बाहरी हैं । वहीं, मामले को लेकर जामताड़ा अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि यह ड्राफ्टिंग रिपोर्ट है फाइनल अभी तक नहीं हुआ है। इसे जल्द संशोधित कर लिया जाएगा वहीं, वरीय अधिकारियों के आदेश भी प्राप्त हुए हैं ऐसे मामलों का जल्द निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में घर चिन्हित करने का कार्य विशेष गहन पुनरक्षण के तहत किया गया था इसलिए इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए सुधार जाएगा। जामताड़ा में एसआईआर (SIR) रिपोर्ट को लेकर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि रिपोर्ट में ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की मिसाल सामने आई है, जहां एक ही घर में हिंदू, मुस्लिम और आदिवासी समुदाय के 54 लोग दर्ज मिले हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण और भाजपा नेता हरिमोहन मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जामताड़ा नगर के भाग संख्या 243 का जिक्र किया। बताया कि गृह संख्या 1 में मुस्लिम समुदाय के अंसारी, आदिवासी और तिवारी एक साथ दर्ज हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि इससे साफ होता है कि एसआईआर के नाम पर ‘बड़ा खेल’ चल रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि भाग संख्या 243 के गृह संख्या 1 में सीरियल नंबर 14 पर शेख नसीम, सीरियल नंबर 55 पर विजय सोरेन और सीरियल नंबर 48 पर कौशिक तिवारी दर्ज हैं। भाजपा ने इस बात पर सवाल उठाया कि ये सभी लोग एक ही घर में कैसे रह सकते हैं और जिला प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े किए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने गृह संख्या 0 पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृह संख्या 0 बड़े शहरों में उन लोगों के लिए होती है जो दूसरे राज्यों से रोजगार के लिए आते हैं और फुटपाथ पर रहते हैं, ताकि वे वोट देने से वंचित न रहें। लेकिन जामताड़ा जैसे छोटे जिले में न तो कोई फुटपाथ पर सोता है और न ही कोई बाहर से रोजगार के लिए आया है। ऐसे में गृह संख्या 0 पर किन लोगों को रखा गया है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया था कि जामताड़ा जिले में 14 हजार आदिवासियों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। कुछ को अनुपस्थित दिखाया गया है तो कुछ को शिफ्टिंग के नाम पर हटाया गया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष ने सवाल खड़ा किया कि आदिवासियों का नाम काटकर मुस्लिम समुदाय विशेष लोगों को नाम जोड़ा जा रहा है जो बाहरी हैं । वहीं, मामले को लेकर जामताड़ा अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि यह ड्राफ्टिंग रिपोर्ट है फाइनल अभी तक नहीं हुआ है। इसे जल्द संशोधित कर लिया जाएगा वहीं, वरीय अधिकारियों के आदेश भी प्राप्त हुए हैं ऐसे मामलों का जल्द निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में घर चिन्हित करने का कार्य विशेष गहन पुनरक्षण के तहत किया गया था इसलिए इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए सुधार जाएगा।

