शिवपुरी के खनियांधाना विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में पदस्थ भृत्य विजयपाल लोधी को गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। उन पर कार्यालयीन काम में बाधा डालने, शिक्षकों और कर्मचारियों से बदसलूकी करने, बिना अनुमति शैक्षणिक दस्तावेजों पर अधिकारी की सील लगाकर खुद हस्ताक्षर करने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने निलंबन आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। कार्यालय आने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों से बदसलूकी का आरोप खनियांधाना के विकासखंड शिक्षा अधिकारी की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में विजयपाल लोधी पर कार्यालय के कामकाज में लगातार बाधा डालने की शिकायत की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यालय आने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ उनके द्वारा बदसलूकी की जाती थी। यह शिकायत भी सामने आई कि वह कार्यालय समय समाप्त होने के बाद दफ्तर में शराब का सेवन करते थे। BEO की गैरमौजूदगी में उनकी कुर्सी के पास बैठने का आरोप रिपोर्ट में बताया गया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी की गैरमौजूदगी में विजयपाल लोधी अधिकारी की कुर्सी के पास अपनी कुर्सी लगाकर बैठते थे। आरोप है कि वह शिक्षकों को भड़काते और उनके साथ अभद्र व्यवहार करते थे। शाला त्याग प्रमाण पत्र और TC पर सील लगाकर खुद करते थे हस्ताक्षर मामले में सबसे गंभीर आरोप शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़ा है। मई 2026 में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट भेजकर बताया था कि विजयपाल लोधी बिना अनुमति और अधिकारी को जानकारी दिए बिना शाला त्याग प्रमाण पत्र और मूल टीसी पर अधिकारी की सील लगाकर खुद हस्ताक्षर करते थे। आरोप है कि इसके बाद इन दस्तावेजों को प्रमाणित भी किया जाता था। इस मामले में जिला शिक्षा कार्यालय ने 13 मई 2026 को विजयपाल लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पहली नजर में दोषी मानकर किया निलंबित प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने विजयपाल लोधी को प्रथम दृष्टया दोषी माना है। इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नरवर रहेगा। आदेश के अनुसार, उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन आदेश जारी होते ही प्रभावी हो गया है।

