बिजनौर के कोतवाली शहर क्षेत्र के मोहल्ला मिर्दगान में बुधवार सुबह बंदरों के हमले से बचने के दौरान एक व्यक्ति छत से नीचे गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय उमेर के रूप में हुई है। वह राजमिस्त्री का काम करता था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह उमेर अपने घर की छत पर मौजूद था। इसी दौरान अचानक बंदरों का झुंड छत पर आ गया। उमेर बंदरों को भगाने के लिए उनकी तरफ बढ़ा। इसी दौरान बंदरों ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से उमेर घबरा गया और उनसे बचने के लिए नीचे उतरने लगा। बचकर भागते समय सीढ़ियों से फिसला पैर स्थानीय निवासी शब्बू ने बताया कि छत पर अचानक बड़ी संख्या में बंदर आ गए थे। उन्होंने उमेर पर हमला कर दिया। उमेर बंदरों से बचकर नीचे की तरफ भागने लगा। इसी दौरान सीढ़ियों पर उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट लगी। हादसे के बाद परिवार के लोग तुरंत उसे लेकर अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन उमेर को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उमेर अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदरों के कारण इलाके में पहले भी लोगों को परेशानी होती रही है। इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी है। लोगों ने नगर पालिका से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन से बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मोहल्ले में बड़ी संख्या में बंदर घूमते रहते हैं और कभी भी हमला कर देते हैं। स्थानीय लोगों ने बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने और आबादी वाले इलाकों में उनकी बढ़ती संख्या पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि इस तरह के हादसे दोबारा न हों।

