उन्नाव के पुरवा कस्बे के पश्चिम टोला निवासी नरेश कुमार ने जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र दिया है। उन्होंने कुछ लोगों पर उनके खिलाफ फर्जी शिकायत करने और विरोध करने पर गाली-गलौज कर धमकी देने का आरोप लगाया है। नरेश ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। नरेश कुमार ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि धर्मेंद्र कुमार, अनुज और छोटू ने मिलकर 7 सितंबर को जिलाधिकारी को उनके खिलाफ एक प्रार्थना पत्र दिया था। नरेश का आरोप है कि शिकायत में उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत और फर्जी हैं। 2 लाख रुपये नकद लिए थे पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने इन लोगों से शिकायत के बारे में जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें घर से चले जाने को कहा। नरेश ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र कुमार ने अपनी जमीन बेचने के बाद 1 लाख रुपये का चेक और करीब 2 लाख रुपये नकद लिए थे। इसके बाद कथित तौर पर उनसे कहा गया कि इतनी रकम में काम नहीं चलेगा और उन्हें जेल भिजवा दिया जाएगा। नरेश ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल का नाम लेकर भी उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि कस्बा पश्चिम स्थित गाटा संख्या 697 और 698 की जमीन की बिक्री से उनका कोई संबंध नहीं है। उनके खिलाफ फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग नरेश का आरोप है कि इससे पहले भी धर्मेंद्र कुमार ने अपने भतीजे की जमीन इसी गाटा संख्या में बेचकर पैसे अपने पास रख लिए थे। उनके अनुसार, पैसे खत्म होने के बाद धर्मेंद्र ने अपनी जमीन बेच दी। पीड़ित ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। नरेश कुमार ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि उनके शिकायत पत्र पर जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिकायत में लगाए गए आरोप फर्जी पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

