चित्तौड़गढ़ में कई दिनों के इंतजार के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। शनिवार सुबह से ही लगातार बारिश होती रही। जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बादलों के बीच चल रही रिमझिम बारिश ने गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत दी। सड़कों पर निकलने वाले लोगों ने भी लंबे समय बाद मौसम में आई इस ठंडक को महसूस किया। मौसम विभाग का कहना है कि उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में शनिवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में चित्तौड़गढ़ जिले में भी पूरे दिन बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई दिनों के इंतजार के बाद बदला मौसम जिले के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। लंबे समय से तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे। अब आसमान में बादल छाने और हल्की बारिश होने से तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगर दिनभर बादल बने रहे तो जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश भी हो सकती है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलेगा। ग्रामीण इलाकों में किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से बारिश का सिलसिला लगभग थम गया था। जिले में अब तक औसत का 71 प्रतिशत पानी शुक्रवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़ शहर में 2 एमएम, गंगरार में 1 एमएम, बेगूं में 6 एमएम, निंबाहेड़ा में 7 एमएम, भदेसर में 3 एमएम और बस्सी में 5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों के बाद जिले में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 533.42 एमएम बारिश हो चुकी है। यह जिले की औसत बारिश का करीब 71.12 प्रतिशत है। यानी अभी भी सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अच्छी बरसात की जरूरत बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण जल स्रोतों में भी खास बढ़ोतरी नहीं हुई थी। ऐसे में आने वाले एक-दो दिन की बारिश जिले के लिए काफी अहम मानी जा रही है। दो दिन बाद फिर कमजोर पड़ेगा मानसून बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे मौसम पहले की तुलना में काफी सुहावना महसूस हुआ। मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर को उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। हालांकि 6 और 7 सितंबर से भारी बारिश की संभावना कम हो जाएगी। इसके बाद 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है। ऐसे में शनिवार का बदला हुआ मौसम फिलहाल राहत जरूर दे रहा है, लेकिन मानसून की रफ्तार आगे फिर धीमी पड़ सकती है। इसलिए लोगों और किसानों की उम्मीदें अगले एक-दो दिन की बारिश पर टिकी हुई हैं।

