सिवनी जिले की केवलारी तहसील में ग्राम पंचायत बनाथर के गुरैरा माल और रैयत वनांचल के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इन आदिवासी गांवों तक पहुंचने वाला रास्ता लंबे समय से कच्चा है। रास्ते में पड़ने वाली धनई नदी बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ी दिक्कत बन जाती है। नदी में करीब चार महीने तक पानी भरा रहने के कारण इन गांवों का सीधा रास्ता पांडिया छपारा, बनाथर और तहसील मुख्यालय से लगभग बंद हो जाता है। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी पार करना बहुत खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद, जरूरी काम, राशन, इलाज, पढ़ाई और अन्य जरूरतों के लिए ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। कई बार तेज बहाव के कारण नदी पार करना खतरनाक हो जाता है, जिससे हादसे का डर बना रहता है। सांसद-विधायक से कर रहे मांग ग्राम निवासी राजदीप रांहगडाले और शासकीय माध्यमिक शाला गुरेरा माल के शिक्षक प्रहलाद ठाकरे सहित अन्य लोगों ने बताया कि धनई नदी पर पुल बनाने की मांग ग्रामीण लंबे समय से स्थानीय विधायक और सांसद से कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी उनके गांवों को सालभर आने-जाने की सुविधा नहीं मिल पाई है। चुनाव के समय सड़क और पुल निर्माण के वादे तो मिलते हैं, लेकिन समस्या का पक्का हल अब तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान नदी में पानी भरने से केवल आने-जाने पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों के खेती के काम, मजदूरों के रोजगार और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने जैसी जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ता है। इमरजेंसी में दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। कच्चे रास्ते के कारण चार पहिया वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से धनई नदी पर जल्द पुल बनाने के साथ ही गांवों तक पक्की सड़क बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल बनने से कई गांवों को सालभर आना-जाना आसान होगा और क्षेत्र के विकास को भी तेजी मिलेगी। SDM बोले- लिखित रूप से मांगी जाए एसडीएम महेश अग्रवाल का कहना है कि लोगो द्वारा लिखित रूप से पुल निर्माण के लिए मांग की जाएगी तो उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों को भेजकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

