लेह-लद्दाख की सिंधु दर्शन यात्रा के लिए आवेदन शुरू:बिहारवासियों को ₹20 हजार मिलेगा, यात्रा पूरी होने के 60 दिन के भीतर करना होगा आवेदन

लेह-लद्दाख की सिंधु दर्शन यात्रा के लिए आवेदन शुरू:बिहारवासियों को ₹20 हजार मिलेगा, यात्रा पूरी होने के 60 दिन के भीतर करना होगा आवेदन

बिहारवासियों के लिए लेह-लद्दाख की सिंधु दर्शन यात्रा अब आर्थिक रूप से आसान होगी। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने ‘सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026’ के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होने वाली इस योजना के तहत पात्र बिहारवासियों को सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करने के बाद वास्तविक यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य बिहार के लोगों को देश की धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बिहार के स्थायी निवासी लाभ ले सकेंगे। यात्रा धार्मिक एवं पर्यटन के उद्देश्य से की जानी आवश्यक होगी। 30 हजार खर्च पर 15 हजार, 50 हजार या अधिक पर 20 हजार योजना के तहत अनुदान की राशि वास्तविक पात्र यात्रा खर्च के आधार पर निर्धारित होगी। उदाहरण के तौर पर यदि सिंधु दर्शन यात्रा पर किसी लाभार्थी का 30 हजार रुपये खर्च होता है तो उसे खर्च का 50 प्रतिशत यानी 15 हजार रुपये सहायता के रूप में मिलेंगे। वहीं, यात्रा खर्च 50 हजार रुपये या इससे अधिक होने पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। यात्रा पूरी होने के 60 दिन के भीतर करना होगा आवेदन योजना का लाभ लेने के लिए पहले निर्धारित सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करनी होगी। इसके बाद यात्रा पूरी होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अनुदान के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ यात्रा से संबंधित आवश्यक प्रमाण और दस्तावेज भी जमा करने होंगे। विभागीय स्तर पर दस्तावेजों और यात्रा की वास्तविकता का सत्यापन किए जाने के बाद पात्र लाभार्थी को नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी। टिकट, रसीद और परमिट समेत दस्तावेज रखने होंगे सुरक्षित यात्रा पर जाने वाले लाभार्थियों को यात्रा से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। इनमें परमिट संबंधी दस्तावेज, टिकट, भुगतान की रसीद, यात्रा खर्च के प्रमाण, पहचान-पत्र, बिहार का स्थायी निवासी होने का प्रमाण और विभाग की ओर से निर्धारित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। आवेदन के समय इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। पात्रता और शर्तों का रखना होगा ध्यान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वह बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा यात्रा का उद्देश्य धार्मिक एवं पर्यटन संबंधी होना आवश्यक है। इच्छुक नागरिकों को पर्यटन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया और शर्तों के अनुसार आवेदन करना होगा। सिंधु दर्शन से जुड़ेंगे बिहारवासी सिंधु दर्शन यात्रा धार्मिक आस्था के साथ भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का भी अवसर देती है। सिंधु नदी का भारतीय सभ्यता और इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता, विशिष्ट संस्कृति और सिंधु नदी का ऐतिहासिक महत्व इस यात्रा को विशेष बनाता है। पर्यटन विभाग के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सिंधु दर्शन यात्रा बिहारवासियों को देश की समृद्ध आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस ऐतिहासिक यात्रा का अनुभव कराने के साथ यात्रा खर्च का एक हिस्सा वहन कर इसे सुलभ बनाना है। बिहारवासियों के लिए लेह-लद्दाख की सिंधु दर्शन यात्रा अब आर्थिक रूप से आसान होगी। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने ‘सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026’ के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होने वाली इस योजना के तहत पात्र बिहारवासियों को सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करने के बाद वास्तविक यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य बिहार के लोगों को देश की धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बिहार के स्थायी निवासी लाभ ले सकेंगे। यात्रा धार्मिक एवं पर्यटन के उद्देश्य से की जानी आवश्यक होगी। 30 हजार खर्च पर 15 हजार, 50 हजार या अधिक पर 20 हजार योजना के तहत अनुदान की राशि वास्तविक पात्र यात्रा खर्च के आधार पर निर्धारित होगी। उदाहरण के तौर पर यदि सिंधु दर्शन यात्रा पर किसी लाभार्थी का 30 हजार रुपये खर्च होता है तो उसे खर्च का 50 प्रतिशत यानी 15 हजार रुपये सहायता के रूप में मिलेंगे। वहीं, यात्रा खर्च 50 हजार रुपये या इससे अधिक होने पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। यात्रा पूरी होने के 60 दिन के भीतर करना होगा आवेदन योजना का लाभ लेने के लिए पहले निर्धारित सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करनी होगी। इसके बाद यात्रा पूरी होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अनुदान के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ यात्रा से संबंधित आवश्यक प्रमाण और दस्तावेज भी जमा करने होंगे। विभागीय स्तर पर दस्तावेजों और यात्रा की वास्तविकता का सत्यापन किए जाने के बाद पात्र लाभार्थी को नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी। टिकट, रसीद और परमिट समेत दस्तावेज रखने होंगे सुरक्षित यात्रा पर जाने वाले लाभार्थियों को यात्रा से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। इनमें परमिट संबंधी दस्तावेज, टिकट, भुगतान की रसीद, यात्रा खर्च के प्रमाण, पहचान-पत्र, बिहार का स्थायी निवासी होने का प्रमाण और विभाग की ओर से निर्धारित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। आवेदन के समय इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। पात्रता और शर्तों का रखना होगा ध्यान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वह बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा यात्रा का उद्देश्य धार्मिक एवं पर्यटन संबंधी होना आवश्यक है। इच्छुक नागरिकों को पर्यटन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया और शर्तों के अनुसार आवेदन करना होगा। सिंधु दर्शन से जुड़ेंगे बिहारवासी सिंधु दर्शन यात्रा धार्मिक आस्था के साथ भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का भी अवसर देती है। सिंधु नदी का भारतीय सभ्यता और इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता, विशिष्ट संस्कृति और सिंधु नदी का ऐतिहासिक महत्व इस यात्रा को विशेष बनाता है। पर्यटन विभाग के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सिंधु दर्शन यात्रा बिहारवासियों को देश की समृद्ध आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस ऐतिहासिक यात्रा का अनुभव कराने के साथ यात्रा खर्च का एक हिस्सा वहन कर इसे सुलभ बनाना है।  

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