ईरान की करेंसी रियाल 20 लाख प्रति डॉलर पर पहुंची:यह अब तक का सबसे निचला स्तर, अमेरिकी प्रतिबंधों से बिगड़ी अर्थव्यवस्था

ईरान की करेंसी रियाल 20 लाख प्रति डॉलर पर पहुंची:यह अब तक का सबसे निचला स्तर, अमेरिकी प्रतिबंधों से बिगड़ी अर्थव्यवस्था

ईरानी करेंसी रियाल डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचल स्तर पर पहुंच गई है। इसकी वजह अमेरिका के साथ बीते करीब 6 महीने से जारी जंग और उसपर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंध है। सवालों के जवाब में समझें पूरा मामला…. सवाल 1: ईरानी करेंसी को लेकर ताज़ा अपडेट क्या है? जवाब: ईरान की करेंसी रियाल अनरेगुलेटेड मार्केट में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। करेंसी ट्रैकिंग वेबसाइट बॉनबास्ट के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत 20 लाख ईरानी रियाल हो गई। सवाल 2: रियाल में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले हफ्ते ईरान के खिलाफ एक बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद से रियाल में करीब 4.5% की गिरावट दर्ज की गई है। सवाल 3: अमेरिका ईरान के खिलाफ क्या कदम उठा रहा है? जवाब : अमेरिका का मकसद ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है। इसके लिए अमेरिका ईरान के बचे हुए चुनिंदा कारोबारी पार्टनर्स को चेतावनी दे रहा है, फारस की खाड़ी में उसके मुख्य बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रहा है और विदेशी मुद्रा का मुख्य जरिया माने जाने वाले तेल निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाने की कोशिश कर रहा है। सवाल 4: ईरान के तेल कारोबार और बैंकिंग पर इसका क्या असर हुआ है? जवाब : ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती के मुताबिक, देश का कच्चा तेल निर्यात “लगभग पूरी तरह बंद” हो गया है। इसके अलावा, ईरान के सबसे बड़े कारोबारी पार्टनर्स में शामिल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अगले आदेश तक ईरान के साथ सभी वित्तीय लेन-देन रोक दिए हैं। सवाल 5: अमेरिकी प्रशासन ने इस कार्रवाई पर क्या बयान दिया है? जवाब : अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने फाइनेंशियल टाइम्स में लिखा, “हमारा मकसद उन सभी आर्थिक लाइफलाइनों को काटना है जो इस व्यवस्था को चला रही हैं, ताकि तेहरान पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाए।” उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक मोर्चे पर ‘D-Day’ की शुरुआत हो चुकी है। सवाल 6: ईरान की घरेलू मीडिया और विश्लेषकों का इस गिरावट पर क्या कहना है? जवाब : ईरान के प्रमुख बिजनेस अखबार ‘दोनिया-ए एकतेसाद’ के अनुसार, विदेशी मुद्रा ट्रांसफर में आ रही रुकावटों और गिरते निर्यात के कारण यह संकट गहराया है। इसके साथ ही देश में आयात की बढ़ती मांग और महंगाई की आशंकाओं ने मिलकर करेंसी को कमजोर किया है। सवाल 7: चीन का इस पूरे मामले पर क्या रुख है? जवाब: ईरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देश चीन ने कहा है कि अमेरिका का आर्थिक दबाव काम नहीं करेगा। चीन ने युद्ध का कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। सवाल 8: अमेरिकी दबाव का मुकाबला करने के लिए ईरान की क्या योजना है? जवाब: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिकी दबाव का मुकाबला करने के लिए चीन समर्थक साझेदार देशों के साथ व्यापार को दोगुना करेगा। सवाल 9: रियाल के टूटने से आम जनता पर क्या असर होगा? जवाब: डॉलर के मुकाबले किसी भी करेंसी के कमजोर होने से रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसी दवाइयां, खाना तेजी से महंगा होता हैं। इससे हाइपरइन्फ्लेशन का खतरा खड़ा हो जाता है।

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