मुरादाबाद के सलेमपुर गांव में सोमवार सुबह एक और तेंदुआ ट्रैप हुआ है। वन विभाग की ओर से सलेमपुर गांव के जंगल में लगाए गए पिंजड़े में यह तेंदुआ फंसा है। जिसे वन विभाग ने रेस्क्यू किया है। इसके साथ ही जिले में पिछले 20 दिन में पकड़े गए तेंदुओं की संख्या एक शावक समेत 9 हो गई है।
मुरादाबाद जिले में तेंदुओं के हमलों की घटनाएं 3 अगस्त से शुरू हुई थीं। तब से लेकर अभी तक तेंदुए उत्तराखंड से सटी जिले की सीमा के गांवों में अलग-अलग स्थानों पर हमले करके 2 महिलाओं को मार चुके हैं। जबकि 20 से अधिक किसान घायल हुए हैं। घायल होने वालों में 2 की हालत गंभीर है। तेंदुओं के आतंक से उत्तराखंड की सीमा से सटे करीब 50 गांवों में रहने वाले एक लाख से अधिक लोग डरे सहमे हैं। इन लोगों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया है। बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।
घटनाओं के बाद से ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के 50 से अधिक कर्मचारियों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए 20 से अधिक पिंजड़े जगह-जगह लगाए गए हैं।
इन पिंजड़ों में तेंदुए फंस भी रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी तेंदुओं के हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार रात को कांठ के अलग-अलग इलाकों में तेंदुओं के जोड़े नजर आए हैं। इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत है। संबंधित लोकेशन पर वन विभाग की टीम पिंजड़ा लगाने पहुंची है।

