महोबा में पनवाड़ी ब्लॉक के बीहट गांव में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मामला सामने आया है। रविवार को बारिश के बीच एक बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार तिरपाल तानकर करना पड़ा। इसका वीडियो सामने आया है। गांव के 82 वर्षीय दृगभान यादव की छत से गिरने से मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए परिजन और ग्रामीण शव लेकर निकले, तभी मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। गांव में श्मशान घाट या पक्की छत की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जलती चिता के ऊपर प्लास्टिक की पन्नी और तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। देखें, 3 तस्वीरें… ग्रामीणों के मुताबिक, बीहट गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गांव में न तो पक्की सड़कें हैं, न बारात घर और न ही श्मशान घाट। आमतौर पर ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर धसान नदी के किनारे जाते हैं। बारिश के मौसम में जलभराव और जर्जर रास्तों के कारण वहां पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को खेतों या जंगलों में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। गांव के नागरिक मानवेंद्र सिंह यादव और धान सिंह यादव ने बताया कि श्मशान घाट नहीं होने से बारिश और सर्दियों में ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। इसके अलावा बारात शाला न होने के कारण बेटियों की शादी-ब्याह के दौरान भी परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि महोबा जिले का आखिरी गांव होने के कारण प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता। श्मशान घाट, सड़क और बारात घर की मांग को लेकर कई बार जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, ताकि प्रशासन का ध्यान गांव की समस्याओं की ओर आकर्षित हो सके। ग्रामीणों ने गांव में जल्द से जल्द मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

