महिला सशक्तीकरण संवाद में गूंजा आत्मनिर्भरता का संदेश

महिला सशक्तीकरण संवाद में गूंजा आत्मनिर्भरता का संदेश

औरंगाबाद जिला परिषद सभागार में महिला सशक्तीकरण संवाद, समूह गीत, भक्ति संगीत, नृत्य सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ सांस्कृतिक सहभागिता, सामूहिक सहयोग और महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष प्रमिला देवी, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, उपाध्यक्ष किरण सिंह, अनिता सिंह सहित अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं केक काटकर किया। उद्घाटन के बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समूह गीत, भक्ति संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। महिला सशक्तीकरण संवाद प्रतियोगिता आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण संवाद से संबंधित विशेष प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक भूमिका, उनके अधिकार, आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता और समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को केवल महिलाओं से जुड़े विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नेतृत्व के समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।संवाद प्रतियोगिता के दौरान बालिका शिक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर प्रतिभागियों ने प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त महिला ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है। महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप अवसर मिलने से न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि परिवार और समाज की प्रगति को भी गति मिलती है। प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित महिला सशक्तीकरण संवाद प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के निर्णय के आधार पर विजेताओं की घोषणा की गई। जिला परिषद अध्यक्ष प्रमिला देवी को प्रथम विजेता घोषित किया गया। वहीं शिक्षिका मिंटू सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। डॉ. पूर्णिमा सिंह और योग शिक्षिका मीनाक्षी सिंह को संयुक्त रूप से तृतीय विजेता घोषित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती अनिता सिंह को कार्यक्रम में सहयोग के लिए जिला परिषद की ओर से सम्मानित किया गया। औरंगाबाद जिला परिषद सभागार में महिला सशक्तीकरण संवाद, समूह गीत, भक्ति संगीत, नृत्य सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ सांस्कृतिक सहभागिता, सामूहिक सहयोग और महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष प्रमिला देवी, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, उपाध्यक्ष किरण सिंह, अनिता सिंह सहित अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं केक काटकर किया। उद्घाटन के बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समूह गीत, भक्ति संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। महिला सशक्तीकरण संवाद प्रतियोगिता आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण संवाद से संबंधित विशेष प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक भूमिका, उनके अधिकार, आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता और समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को केवल महिलाओं से जुड़े विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नेतृत्व के समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।संवाद प्रतियोगिता के दौरान बालिका शिक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर प्रतिभागियों ने प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त महिला ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है। महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप अवसर मिलने से न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि परिवार और समाज की प्रगति को भी गति मिलती है। प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित महिला सशक्तीकरण संवाद प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के निर्णय के आधार पर विजेताओं की घोषणा की गई। जिला परिषद अध्यक्ष प्रमिला देवी को प्रथम विजेता घोषित किया गया। वहीं शिक्षिका मिंटू सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। डॉ. पूर्णिमा सिंह और योग शिक्षिका मीनाक्षी सिंह को संयुक्त रूप से तृतीय विजेता घोषित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती अनिता सिंह को कार्यक्रम में सहयोग के लिए जिला परिषद की ओर से सम्मानित किया गया।  

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