सीधी जिले के अमरपुर गांव में पिछले तीन महीने से दहशत फैला रहा 11 फीट लंबा नर मगरमच्छ पकड़ा गया है। वन विभाग और घड़ियाल अभयारण्य की संयुक्त टीम ने शनिवार दोपहर करीब 1 बजे रेस्क्यू अभियान चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा। बाद में उसे मर्सरहा घाट स्थित सोन नदी में छोड़ दिया गया। यह मगरमच्छ अमरपुर और आसपास के रोजहा क्षेत्र में कई दिनों से देखा जा रहा था। यह अक्सर एक तालाब में रहता था और कई बार रिहायशी इलाकों के करीब भी पहुंच जाता था। इसकी मौजूदगी से गांव के बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों में डर का माहौल था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग के कंट्रोल रूम में दर्ज कराई थी। गांव वालों ने क्या बताया? ग्रामीण राकेश सोनी ने बताया कि मगरमच्छ के गांव के पास दिखने से लोग डरे हुए थे। जब बच्चे या ग्रामीण उसके करीब जाते थे, तो वह उनकी ओर बढ़ने की कोशिश करता था। हालांकि, इस दौरान किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ग्रामीणों के मुताबिक, मगरमच्छ ने कभी-कभी छोटे मवेशियों को अपना शिकार बनाया था। शिकायतों के बाद वन मंडल सीधी और घड़ियाल अभयारण्य की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। मगरमच्छ की पुष्टि होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दल में वनपाल पंकज मिश्रा, वनरक्षक जोखी लाल प्रजापति, परशुराम पठारी, दीपक पनिका और तीरथ यादव शामिल थे। टीम ने सावधानी बरतते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा। वनपाल पंकज मिश्रा ने पुष्टि की कि ग्रामीणों की शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद टीम ने सफलतापूर्वक मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास सोन नदी के मर्सरहा घाट में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।

