बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने तेजस्वी यादव के दरभंगा और मधुबनी दौरे को राजनीतिक पिकनिक करार देते हुए कहा कि वे किसी के शोक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन जेसीबी से अपने ऊपर फूल बरसवाकर सुर्खियां बटोरने का काम किया। इस तरह की गतिविधियों से स्पष्ट है कि तेजस्वी यादव जनता के बीच राजनीतिक संदेश देने के बजाय मीडिया में जगह बनाने और सनसनी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरभंगा आकर पुरानी और घिसी-पिटी राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। महीनों तक बिहार से गायब रहते हैं और फिर लौटकर बेबुनियाद एवं मनगढ़ंत बयान देकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान भी लगातार उपस्थित नहीं रहते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर साधा निशाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि जिन लोगों की सरकार केंद्र में रही, उनके कार्यकाल में पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों ने देश के कई बड़े शहरों में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। संसद भवन तक पर आतंकवादी हमला हुआ। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। एनडीए सरकार में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया। आज आतंकवादियों के लिए देश में पहले जैसी गुंजाइश नहीं है। भारत की सुरक्षा नीति स्पष्ट है और देश अपनी एक इंच जमीन पर भी किसी का कब्जा स्वीकार नहीं करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का प्रभाव बढ़ा है। ‘राजद शासन में अपराधियों को मिलता था संरक्षण’ बिहार की कानून व्यवस्था पर तेजस्वी यादव के सवाल उठाने पर संजय सरावगी ने राजद शासनकाल को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने ‘जंगलराज’ के दौर को याद करना चाहिए। उस समय अपराध और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था और अपराधियों का बोलबाला था। आज एनडीए सरकार ने बिहार में कानून का राज स्थापित किया है। इसके बावजूद तेजस्वी यादव प्रतिदिन सैकड़ों राउंड गोली चलने जैसे दावे कर जनता के बीच सनसनी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि तेजस्वी यादव के पास अपराध को लेकर कोई ठोस आंकड़ा या प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। राजद और लालू प्रसाद पर भी हमला संजय सरावगी ने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूरे राजद परिवार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक दल के शीर्ष नेतृत्व पर अदालतों में गंभीर मामले चल रहे हों और जिसके कई नेता कानूनी मामलों का सामना कर रहे हों, उसके नेता दूसरों को कानून और नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। राजद का मतलब परिवारवाद और खोखले आरोपों की राजनीति है, जबकि एनडीए का मतलब विकास और सुरक्षा है। बिहार की जनता सब कुछ देख रही है और इसी कारण जनता ने राजद को पूरी तरह नकार दिया है। लालू प्रसाद यादव को भी 1995 में मिलर हाईस्कूल मे अपने बयानों को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी। राजनीति में आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को प्रमाणित करने के लिए तथ्य और सबूत जरूरी है। ‘आरोप लगाने से कुछ साबित नहीं होता’ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी संजय सरावगी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि तेजस्वी यादव के पास मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई प्रमाण है तो उसे जनता के सामने रखें। यदि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई मामला दर्ज है तो उसकी अगली तारीख और न्यायालय की कार्यवाही की जानकारी भी सार्वजनिक करें। केवल मंच से बयान देने या आरोप लगाने से कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाता। जनता को गुमराह करने वाली बयानबाजी बंद करें। न्यायपालिका और संविधान का सम्मान भाजपा की पहली प्राथमिकता है। कानून सबके लिए बराबर है। ‘वंदे मातरम के सम्मान से कतराने वाले राष्ट्रहित की बात करते हैं’ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम के सम्मान से कतराते हैं, वे आज राष्ट्रहित और विकास की बात कर रहे हैं। देश की जनता राष्ट्रवाद, विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर स्पष्ट सोच रखती है। जनता ने एनडीए को विकास और कानून व्यवस्था के लिए जनादेश दिया है। तेजस्वी यादव के पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे लगातार आरोपों और विवादित बयानों के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पहले अपने शासनकाल और अपनी पार्टी के अतीत का हिसाब जनता को देना चाहिए, उसके बाद एनडीए सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना चाहिए। विपक्ष की राजनीति फिलहाल विकास के मुद्दों के बजाय केवल आरोप और परिवारवाद तक सीमित रह गई है। बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने तेजस्वी यादव के दरभंगा और मधुबनी दौरे को राजनीतिक पिकनिक करार देते हुए कहा कि वे किसी के शोक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन जेसीबी से अपने ऊपर फूल बरसवाकर सुर्खियां बटोरने का काम किया। इस तरह की गतिविधियों से स्पष्ट है कि तेजस्वी यादव जनता के बीच राजनीतिक संदेश देने के बजाय मीडिया में जगह बनाने और सनसनी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरभंगा आकर पुरानी और घिसी-पिटी राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। महीनों तक बिहार से गायब रहते हैं और फिर लौटकर बेबुनियाद एवं मनगढ़ंत बयान देकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान भी लगातार उपस्थित नहीं रहते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर साधा निशाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि जिन लोगों की सरकार केंद्र में रही, उनके कार्यकाल में पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों ने देश के कई बड़े शहरों में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। संसद भवन तक पर आतंकवादी हमला हुआ। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। एनडीए सरकार में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया। आज आतंकवादियों के लिए देश में पहले जैसी गुंजाइश नहीं है। भारत की सुरक्षा नीति स्पष्ट है और देश अपनी एक इंच जमीन पर भी किसी का कब्जा स्वीकार नहीं करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का प्रभाव बढ़ा है। ‘राजद शासन में अपराधियों को मिलता था संरक्षण’ बिहार की कानून व्यवस्था पर तेजस्वी यादव के सवाल उठाने पर संजय सरावगी ने राजद शासनकाल को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने ‘जंगलराज’ के दौर को याद करना चाहिए। उस समय अपराध और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था और अपराधियों का बोलबाला था। आज एनडीए सरकार ने बिहार में कानून का राज स्थापित किया है। इसके बावजूद तेजस्वी यादव प्रतिदिन सैकड़ों राउंड गोली चलने जैसे दावे कर जनता के बीच सनसनी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि तेजस्वी यादव के पास अपराध को लेकर कोई ठोस आंकड़ा या प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। राजद और लालू प्रसाद पर भी हमला संजय सरावगी ने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूरे राजद परिवार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक दल के शीर्ष नेतृत्व पर अदालतों में गंभीर मामले चल रहे हों और जिसके कई नेता कानूनी मामलों का सामना कर रहे हों, उसके नेता दूसरों को कानून और नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। राजद का मतलब परिवारवाद और खोखले आरोपों की राजनीति है, जबकि एनडीए का मतलब विकास और सुरक्षा है। बिहार की जनता सब कुछ देख रही है और इसी कारण जनता ने राजद को पूरी तरह नकार दिया है। लालू प्रसाद यादव को भी 1995 में मिलर हाईस्कूल मे अपने बयानों को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी। राजनीति में आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को प्रमाणित करने के लिए तथ्य और सबूत जरूरी है। ‘आरोप लगाने से कुछ साबित नहीं होता’ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी संजय सरावगी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि तेजस्वी यादव के पास मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई प्रमाण है तो उसे जनता के सामने रखें। यदि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई मामला दर्ज है तो उसकी अगली तारीख और न्यायालय की कार्यवाही की जानकारी भी सार्वजनिक करें। केवल मंच से बयान देने या आरोप लगाने से कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाता। जनता को गुमराह करने वाली बयानबाजी बंद करें। न्यायपालिका और संविधान का सम्मान भाजपा की पहली प्राथमिकता है। कानून सबके लिए बराबर है। ‘वंदे मातरम के सम्मान से कतराने वाले राष्ट्रहित की बात करते हैं’ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम के सम्मान से कतराते हैं, वे आज राष्ट्रहित और विकास की बात कर रहे हैं। देश की जनता राष्ट्रवाद, विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर स्पष्ट सोच रखती है। जनता ने एनडीए को विकास और कानून व्यवस्था के लिए जनादेश दिया है। तेजस्वी यादव के पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे लगातार आरोपों और विवादित बयानों के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पहले अपने शासनकाल और अपनी पार्टी के अतीत का हिसाब जनता को देना चाहिए, उसके बाद एनडीए सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना चाहिए। विपक्ष की राजनीति फिलहाल विकास के मुद्दों के बजाय केवल आरोप और परिवारवाद तक सीमित रह गई है।

