जबलपुर जिला न्यायालय की प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने आकाश ट्रैवल्स के संचालक संजय केशवानी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने उन्हें 8 नवंबर 2026 को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। संजय केशवानी पर श्रीकृष्ण बिलैया से साढ़े 12 लाख रुपए लेने और वापस नहीं करने का आरोप है। साढ़े 12 लाख रुपए का विवाद संजय केशवानी ने आरोपों को गलत और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके वकील के जरिए वारंट जारी होने की जानकारी मिली थी, लेकिन अब कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया है। 2015 के बाद लेनदेन नहीं संजय केशवानी ने बताया कि वर्ष 2000 से श्रीकृष्ण बिलैया के साथ उनका व्यापारिक लेनदेन था। सुरक्षा के तौर पर दिए गए पुराने चेक बिलैया के पास रखे थे। लेनदेन बंद होने के बाद जब उन्होंने चेक वापस मांगे तो देने से मना कर दिया गया। केशवानी का दावा है कि बाद में उन्हीं चेक को बाउंस कराकर 2023 में रुपए लेने का नोटिस भेजा गया, जबकि 2015 के बाद से उनका कोई लेनदेन नहीं हुआ और वह पूरा पैसा चुका चुके हैं। पेशी पर नहीं गए, इसलिए वारंट ट्रैवल्स संचालक ने कहा कि वारंट श्रीकृष्ण बिलैया की ओर से जारी नहीं कराया गया था। उनके मुताबिक, वह खुद पेशी पर नहीं जा पाए थे, जिसके कारण कोर्ट ने वारंट जारी किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सामाजिक और व्यापारिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए यह सब किया जा रहा है। डिंडौरी कोर्ट में भी मामले संजय केशवानी ने बताया कि चेक बाउंस होने के बाद डिंडौरी कोर्ट में परिवाद पेश किया गया है। इसके अलावा, श्रीकृष्ण बिलैया और उनकी पत्नी के खिलाफ संजय खत्री, आकाश केशवानी और मिथिलेश राज शर्मा की ओर से वर्ष 2025 में डिंडौरी कोर्ट में 3 अलग-अलग मामले दायर किए गए हैं। ये मामले अभी लंबित हैं।

