देवरिया में 7 अप्रैल 2025 की रात गोली मारकर की गई राममूरत चौहान की हत्या को एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक न तो हत्यारों की पहचान कर सकी है और न ही हत्या की वजह सामने आ पाई है। घटना से पहले रात करीब 9 बजे राममूरत ने पत्नी मधुरानी से फोन पर जल्द घर लौटने की बात कही थी। इसके करीब आधे से एक घंटे बाद उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और पुरानी रंजिश समेत कई बिंदुओं पर जांच की, लेकिन मामला अभी भी अनसुलझा है। लंबे समय से खुलासे का इंतजार कर रहे परिजन अब आरोपियों की गिरफ्तारी और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामला सुरौली थाना क्षेत्र के धमऊर परशुराम गांव का है। कीर्तन से घर लौट रहे थे राममूरत सुकई परसिया निवासी स्वर्गीय शिवमंगल के पुत्र राममूरत चौहान 7 अप्रैल 2025 को शाम करीब पांच बजे घर से निकले थे। वह नगर पालिका परिसर स्थित हनुमान मंदिर में कीर्तन गाने गए थे। रात में कीर्तन के बाद वह घर लौट रहे थे। इसी दौरान धमऊर परशुराम गांव के पास बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की थी। राममूरत की पत्नी मधुरानी की तहरीर पर सुरौली पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। रात 9 बजे पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत परिजनों के मुताबिक, घटना वाली रात करीब नौ बजे राममूरत की पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने जल्द घर लौटने की बात कही थी। इसके बाद करीब साढ़े नौ से 10 बजे के बीच उनकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस को राममूरत के घर से निकलने के बाद करीब तीन घंटे तक एक स्थान पर रुकने की जानकारी भी मिली थी। पुलिस ने इस दौरान उनकी गतिविधियों और उनसे मिलने-जुलने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि, अभी तक जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। पुरानी रंजिश और धमकी के एंगल पर भी जांच परिजन हत्या के पीछे पुरानी रंजिश को वजह मान रहे हैं। उनका कहना है कि हत्या से कुछ दिन पहले भलुअनी थाना क्षेत्र के टेकुआ चौराहे की एक चाय की दुकान पर मुकदमे की पैरवी को लेकर राममूरत का एक व्यक्ति से विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मुकदमा वापस नहीं लेने पर राममूरत को धमकी दी गई थी। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति फिलहाल प्रदेश से बाहर है। पुलिस इस व्यक्ति की भूमिका और विवाद से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। हत्या से पहले पुलिस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत का दावा परिजनों का कहना है कि राममूरत को अपनी हत्या की आशंका थी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की थी। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस अब पूर्व में की गई शिकायतों और उनमें दर्ज नामों के साथ ही संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कुछ मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। कुछ नंबरों को संदिग्ध मानकर उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस घटना से पहले और बाद में इन नंबरों की लोकेशन और बातचीत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची गई है। पुलिस का प्रयास है कि राममूरत की हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों से जुड़े ऐसे साक्ष्य मिल सकें, जिनसे आरोपियों तक पहुंचा जा सके। एक साल बाद भी परिवार को खुलासे का इंतजार राममूरत चौहान की हत्या को एक साल से अधिक समय बीत चुका है। इतने लंबे समय बाद भी हत्यारों की पहचान और हत्या की वजह स्पष्ट नहीं होने से परिवार में नाराजगी है। परिजन लगातार मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्याकांड की जांच बंद नहीं हुई है। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आ रही जानकारी के आधार पर जल्द मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

