लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर परिसर में सोमवार को सावन की भीड़ के दौरान भगदड़ मच गई। इस हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि लगभग 12 लोग घायल हुए हैं। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मंत्री रत्नेश सादा ने सहरसा में बताया कि अशोकधाम में हुई भगदड़ दुर्भाग्यपूर्ण है। 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी – मंत्री उन्होंने घोषणा की कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के आश्रित परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सरकार घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर रही है। सोमवार को लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। भीड़ का दबाव बढ़ने से अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था की प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा आपदा मंत्री ने बताया कि सरकार पूरे मामले पर नजर रख रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है। अशोकधाम हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी दुख व्याप्त है। लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर परिसर में सोमवार को सावन की भीड़ के दौरान भगदड़ मच गई। इस हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि लगभग 12 लोग घायल हुए हैं। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मंत्री रत्नेश सादा ने सहरसा में बताया कि अशोकधाम में हुई भगदड़ दुर्भाग्यपूर्ण है। 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी – मंत्री उन्होंने घोषणा की कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के आश्रित परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सरकार घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर रही है। सोमवार को लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। भीड़ का दबाव बढ़ने से अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था की प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा आपदा मंत्री ने बताया कि सरकार पूरे मामले पर नजर रख रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है। अशोकधाम हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी दुख व्याप्त है।

