नालंदा में 3 दिन से लापता युवक की लाश रविवार की शाम क्षत-विक्षत हालत में मिली है। मृतक की पहचान रोहित कुमार(20) के रूप में हुई है, जो घूम-घूमकर कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करता था। हत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बदमाशों ने हत्या के बाद शव को तेजाब या किसी खतरनाक केमिकल से गला दिया है। शव घर से महज 200 मीटर दूर ‘तरी पर’ इलाके में बापू हाईस्कूल के पीछे झाड़ियों से बरामद किया गया है। घटना चंडी थाना क्षेत्र के चंडी डीह गांव की है। लोगों ने किया रोड जाम हत्या के विरोध में परिजनों ने चंडी बाजार में सड़क जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक आवागमन बाधित रखा। हालांकि इस दौरान वाहनों का परिचालन बाईपास मार्ग से जारी रहा। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया। तेजाब से गलाया चेहरा, पहचान मिटाने के लिए काटा हाथ मृतक के बड़े भाई राजकिशोर चौधरी ने बताया कि हत्यारों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए तेजाब या किसी तेज केमिकल का इस्तेमाल किया है, जिससे चेहरा और शरीर पूरी तरह से गल चुका है। हड्डियां दिखने लगी हैं। हाथ पर भाई का नाम ‘रोहित कुमार’ लिखा हुआ था। पहचान मिटाने के लिए बदमाशों ने उसका दाहिना हाथ ही काट दिया है। इसके अलावा सिर के बाल भी गायब मिले हैं। 13 अगस्त की दोपहर से था लापता राजकिशोर ने बताया कि उनका भाई रोहित 13 अगस्त की दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच घर से निकला था। वह अपने एक साथी कल्लू पासवान के साथ काम से लौटा था। दोनों ने कथित तौर पर सूखे नशे का सेवन किया था, जिसके बाद रोहित वापस घर नहीं लौटा। शाम 15 अगस्त शाम 5:30 बजे के आसपास गांव के कुछ लोगों ने हल्ला किया, तब जाकर झाड़ियों में फेंकी गई लाश के बारे में पता चला। चंडी पुलिस पर लापरवाही का आरोप, एसपी से लगाई गुहार परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। राजकिशोर के अनुसार, रोहित के लापता होने के 24 घंटे बाद 14 अगस्त को चंडी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रोहित के साथी पर शक भी जताया था। पुलिस ने उसे बुलाकर पूछताछ तो की, लेकिन कोई ठोस खोजबीन नहीं की। परिवार के मुताबिक पुलिस को डॉग स्क्वाड बुलाकर जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चंडी पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट परिजनों ने अब सीधे नालंदा के एसपी से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस की थ्योरी: ड्रग्स का ओवरडोज या जानवरों का हमला दूसरी ओर, पुलिस का नजरिया परिजनों के आरोपों से अलग है। चंडी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि युवक ड्रग्स और इंजेक्शन लेने का आदी था। यह भी संभव है कि उसकी मौत ड्रग्स के ओवरडोज के कारण हुई हो। दाहिने हाथ के गायब होने और शव के क्षत-विक्षत होने पर पुलिस का कहना है कि शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुका है। हो सकता है कि किसी जंगली जानवर ने उसे नोच खाया हो। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि युवक की हत्या हुई है, मौत की वजह ड्रग्स का ओवरडोज है या शव को गलाने के लिए तेजाब का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की बारीकी से जांच कर रही है। नालंदा में 3 दिन से लापता युवक की लाश रविवार की शाम क्षत-विक्षत हालत में मिली है। मृतक की पहचान रोहित कुमार(20) के रूप में हुई है, जो घूम-घूमकर कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करता था। हत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बदमाशों ने हत्या के बाद शव को तेजाब या किसी खतरनाक केमिकल से गला दिया है। शव घर से महज 200 मीटर दूर ‘तरी पर’ इलाके में बापू हाईस्कूल के पीछे झाड़ियों से बरामद किया गया है। घटना चंडी थाना क्षेत्र के चंडी डीह गांव की है। लोगों ने किया रोड जाम हत्या के विरोध में परिजनों ने चंडी बाजार में सड़क जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक आवागमन बाधित रखा। हालांकि इस दौरान वाहनों का परिचालन बाईपास मार्ग से जारी रहा। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया। तेजाब से गलाया चेहरा, पहचान मिटाने के लिए काटा हाथ मृतक के बड़े भाई राजकिशोर चौधरी ने बताया कि हत्यारों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए तेजाब या किसी तेज केमिकल का इस्तेमाल किया है, जिससे चेहरा और शरीर पूरी तरह से गल चुका है। हड्डियां दिखने लगी हैं। हाथ पर भाई का नाम ‘रोहित कुमार’ लिखा हुआ था। पहचान मिटाने के लिए बदमाशों ने उसका दाहिना हाथ ही काट दिया है। इसके अलावा सिर के बाल भी गायब मिले हैं। 13 अगस्त की दोपहर से था लापता राजकिशोर ने बताया कि उनका भाई रोहित 13 अगस्त की दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच घर से निकला था। वह अपने एक साथी कल्लू पासवान के साथ काम से लौटा था। दोनों ने कथित तौर पर सूखे नशे का सेवन किया था, जिसके बाद रोहित वापस घर नहीं लौटा। शाम 15 अगस्त शाम 5:30 बजे के आसपास गांव के कुछ लोगों ने हल्ला किया, तब जाकर झाड़ियों में फेंकी गई लाश के बारे में पता चला। चंडी पुलिस पर लापरवाही का आरोप, एसपी से लगाई गुहार परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। राजकिशोर के अनुसार, रोहित के लापता होने के 24 घंटे बाद 14 अगस्त को चंडी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रोहित के साथी पर शक भी जताया था। पुलिस ने उसे बुलाकर पूछताछ तो की, लेकिन कोई ठोस खोजबीन नहीं की। परिवार के मुताबिक पुलिस को डॉग स्क्वाड बुलाकर जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चंडी पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट परिजनों ने अब सीधे नालंदा के एसपी से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस की थ्योरी: ड्रग्स का ओवरडोज या जानवरों का हमला दूसरी ओर, पुलिस का नजरिया परिजनों के आरोपों से अलग है। चंडी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि युवक ड्रग्स और इंजेक्शन लेने का आदी था। यह भी संभव है कि उसकी मौत ड्रग्स के ओवरडोज के कारण हुई हो। दाहिने हाथ के गायब होने और शव के क्षत-विक्षत होने पर पुलिस का कहना है कि शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुका है। हो सकता है कि किसी जंगली जानवर ने उसे नोच खाया हो। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि युवक की हत्या हुई है, मौत की वजह ड्रग्स का ओवरडोज है या शव को गलाने के लिए तेजाब का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

