मेहमान बुलाए तो लगेगा कचरा टैक्स! पानी का भी देना होगा पैसा, भोपाल में नया मॉडल लागू

मेहमान बुलाए तो लगेगा कचरा टैक्स! पानी का भी देना होगा पैसा, भोपाल में नया मॉडल लागू

Bhopal Municipal Corporation – भोपाल निवासियों के लिए खास खबर है। यदि आपके घर में कोई भी ऐसा कार्यक्रम होने जा रहा है जिसमें 100 लोगों से ज्यादा मेहमान आने की संभावना है तो इसकी सूचना सबसे पहले भोपाल नगर निगम को देना होगी। कार्यक्रम खत्म होने के दूसरे दिन उत्पन्न होने वाले कचरे को उठाने के बदले आपको 2100 से 2700 रुपए प्रति टन के हिसाब से शुल्क नगर निगम के खाते में जमा करनी होगी। मैरिज गार्डन, रिसोर्ट, होटल के मामले में ये शुल्क परिसर स्वामी से वसूल किया जाएगा। निजी और व्यवसायिक आयोजन का कचरा कलेक्शन करने के मामले में नगर निगम ने भोपाल शहर में बल्क वेस्ट जनरेटर स्वच्छ भारत मिशन मॉडल 2026 को लागू कर दिया है।

शहर की 1000 से ज्यादा रेजिडेंशियल सोसायटी फिलहाल इस मॉडल में शामिल तो कर ली गई है लेकिन कचरा प्रबंधन के लिए उन्हें वक्त दिया गया है। नगर निगम वाटर सप्लाई से प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी की आपूर्ति लेने वाले मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, स्वयं की इमारतें भी बल्क वेस्ट जनरेटर कहलाएंगी। इस्तेमाल के हिसाब से इन इमारतों को रेजिडेंशियल या कमर्शियल घोषित किया जाएगा। मंगलवार को नगर परिषद की विशेष बैठक में नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने यह मॉडल, निगमाध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, महापौर मालती राय सहित जनप्रतिनिधियों को दिखाया।

कमर्शियल यूजर्स की लिस्ट तैयार:

सबसे पहले कमर्शियल यूजर्स, शैक्षणिक संस्था, प्राइवेट मैरिज हॉल, होटल, रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट, बड़े शॉपिंग मॉल और शैक्षणिक संस्थानों पर ये मॉडल लागू किया जा रहा है। टैक्स स्लैब के मुताबिक रेजिडेंशियल कॉलोनी को कचरा उठाने के लिए 2100 रुपए प्रति टन, शैक्षणिक संस्थाओं के लिए 2400 रुपए प्रति टन और बाकी अन्य समस्त कमर्शियल यूजर्स के लिए 2700 रुपए प्रति टन के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। कमर्शियल यूजर्स की लिस्ट तैयार की गई है जिनका पंजीयन नगर निगम के पोर्टल पर होगा।

वेस्ट मैनेजमेंट प्लान 2026 के मॉडल के अंतर्गत शहरों में कचरा प्रबंधन की समस्या को शहर के अंदर ही निपटाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। केवल बायोमेडिकल वेस्ट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का कचरा जिसे नागरिक अपने स्तर पर नष्ट नहीं कर सकते, इसे ही कलेक्ट किया जाएगा। शहर के 85 वार्ड के अंतर्गत अभी गीला, सूखा, ई-वेस्ट, मेडिकल वेस्ट वर्गीकृत कर कलेक्ट किया जा रहा है। दोबारा इस्तेमाल होने योग्य कचरा जैसे पूजन सामग्री, पुराने कपड़े, मंदिरों से निकलने वाली अगरबत्ती फूल पत्ती जैसी सामग्री से स्टार्टअप सेंटर में रियूजेबल सामग्री बनाई जा रही है।

कचरा प्रबंधन का भारी-भरकम खर्च

शहर चलाने के लिए नगर निगम कर्मचारियों की भारी भरकम फौज, वेतन, बिजली बिल, गाडिय़ों का खर्च मिलाकर हर महीने 70 करोड रुपए तक खर्च कर रहा है। इसके अलावा प्रतिदिन 800 मीट्रिक कचरा निकलने पर इसे आदमपुर खंती ले जाकर निष्पादित करने के लिए 55 करोड़ का एक अलग से टेंडर जारी किया गया है। भविष्य में इस भारी भरकम खर्च को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ही केंद्र का नया वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल लागू हो जा रहा है।

नगर परिषद की विशेष बैठक में विपक्ष के कई मुद्दों को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस पार्षदों से महापौर की बहस कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सरवर, योगेंद्र गुड्डू चौहान, मो. रियाज, देवांशु कंसाना, शिरीन खान, अजीजउद्दीन समेत कई कांग्रेस पार्षदों ने वेस्ट मैनेजमेंट पर कई सवाल उठाए। जवाब देने के लिए खड़ी हुई महापौर से उनकी बहस हो गई।

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