Bareilly News: खाकी की मोहब्बत; लिव इन रिलेशन, इश्क लड़ाने वाला शादीशुदा सिपाही सस्पेंड, पीड़िता ने उठाया आत्मघाती कदम

Bareilly News: खाकी की मोहब्बत; लिव इन रिलेशन, इश्क लड़ाने वाला शादीशुदा सिपाही सस्पेंड, पीड़िता ने उठाया आत्मघाती कदम

Bareilly News: खाकी वर्दी के भी मोहब्बत के किस्से अजब-गजब हैं। शाही थाने में तैनात एक सिपाही ने खुद को कुंवारा बताकर महिला सिपाही से नजदीकियां बढ़ाईं, मोहब्बत के हसीन ख्वाब दिखाए और शादी का भरोसा दिलाया। जब सच सामने आया तो प्रेम कहानी में बवंडर हो गया। मामला सीधे एसएसपी तक पहुंच गया। मामला संज्ञान में आने पर SSP अनुराग आर्य ने आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दरअसल, शाही थाने में तैनात सिपाही अमित चौधरी पर आरोप है कि उसने शादीशुदा होने की जानकारी छिपाकर एक रिक्रूट महिला सिपाही से संबंध बनाए। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और रिश्ते ने नजदीकियों का रूप ले लिया। महिला सिपाही को भरोसा दिलाया गया कि दोनों जल्द विवाह बंधन में बंधेंगे। इसी विश्वास के सहारे रिश्ता आगे बढ़ता रहा।

जब खुला सच, टूट गया भरोसा

कुछ समय बाद महिला सिपाही को पता चला कि अमित चौधरी पहले से विवाहित है। जिस रिश्ते में वह प्यार विश्वास और जिंदगी के हसीन ख्वाब बुन रही थी। वह अचानक धोखे की कहानी बन गया। इस खुलासे से महिला सिपाही गहरे मानसिक तनाव में आ गई। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि 31 मई 2026 को महिला सिपाही ने मानसिक तनाव के चलते अपने पास रखी कई दवाइयों का एक साथ सेवन कर लिया।

हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को पुलिस सेवा की गरिमा और अनुशासन से जुड़ा गंभीर कदाचार माना। आरोपी सिपाही अमित चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस लाइन से किया गया संबद्ध

निलंबन के बाद अमित चौधरी को पुलिस लाइन बरेली से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय आदेश के मुताबिक, वह बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जांच में आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महकमे में इस पूरे घटनाक्रम को अनुशासन और विभागीय छवि से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला माना जा रहा है।

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