Atal Pragati Path : राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के तहत बांसवाड़ा जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों के पांच गांवों को नए अटल पथ मिले हैं। इन गांवों में कुल 10 करोड़ रुपए की लागत से अटल प्रगति पथ का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 7 करोड़ रुपए की लागत से नॉन पेचेबल एवं मिसिंग लिंक के कार्य होंगे। बजट घोषणा के तहत घाटोल, बागीदौरा और गढ़ी विधानसभा में 5.5-5.5 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवाया जाएगा। इनमें तीन विधानसभा क्षेत्रों के पांच गांवों में दो-दो करोड़ की लागत से सड़क बनेंगी। इनमें घाटोल विधानसभा क्षेत्र के गांव बडाना में 2 करोड़ रुपए की लागत से 1.10 किमी अटल प्रगति पथ निर्माण कार्य किया जाएगा।
बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र के छींच गांव में दो करोड़ रुपए से छींच चौराहा से आनंदपुरी सड़क पर ग्राम छींच की तरफ 1 किमी. लंबी सड़क का कार्य किया जाएगा। इसी विधानसभा के बड़ोदिया गांव में दो करोड़ रुपए से एक किमी. की संपर्क सड़क ग्राम बड़ोदिया की तरफ बनाई जाएगी।
इसके अलावा बांसवाड़ा के गढ़ी विधानसभा के पालोदा में पालोदा कोटडा रोड से इंद्रा कॉलोनी होते हुए पाटीदार मोहल्ले तक 1.30 किमी. लंबी सड़क एवं लोहारिया गांव में जैन मंदिर से कलाल चौक होते हुए श्मशान घाट तक 1.10 किलोमीटर तक की सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 7 करोड़ रुपए की लागत से नॉन पैचेबल कार्य करवाए जाएंगे।
पांच गांवों में अटल पथ की स्वीकृति
नई बजट घोषणा में पांच गांवों के अटल पथ की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा 7 करोड़ की राशि से नॉन पैचेबल कार्य कराए जाएंगे। नई मिसिंग लिंक की स्वीकृति का अभी इंतजार है।
मथुरालाल मीणा, एसई, पीडब्ल्यूडी बांसवाड़ा
एक साल से अधूरी डामर सड़क, ग्रामीणों ने दी चक्का जाम की चेतावनी
सज्जनगढ़ उपखंड क्षेत्र के राठ कॉलोनी से डूंगरी पाड़ा कटारा फला तकडामर सड़क का निर्माण कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते पिछले एक साल से अधूरा है। वर्ष 2025 में स्वीकृत इस सड़क का निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार ने शुरू किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क पर गिट्टी बिछाकर काम रोक दिया गया। अधूरी सड़क के कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद सरकार ने सड़क निर्माण को स्वीकृति दी थी। स्वीकृति मिलने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने टेंडर जारी कर ठेकेदार के माध्यम से कार्य शुरू कराया। सड़क निर्माण शुरू होने पर ग्रामीणों में खुशी थी, लेकिन करीब 15 दिन बाद ही ठेकेदार ने नाले की गिट्टी डालकर काम बंद कर दिया। ग्रामीणों द्वारा काम बंद करने का कारण पूछने पर ठेकेदार ने बजट जारी न होने की बात कही। अभी सड़क पर डामरीकरण का कार्य बाकी है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी सड़क के कारण आवाजाही में परेशानी हो रही है और बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। इस संबंध में कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार केवल जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन ही मिला। कना कटारा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर सड़क पर डामर कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर सज्जनगढ़–कुशलगढ़ मार्ग पर उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।


