ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़, चोटों को लेकर सरकार ने हाईकोर्ट में उठाए नए सवाल

ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़, चोटों को लेकर सरकार ने हाईकोर्ट में उठाए नए सवाल

Bhopal Twisha Sharma Suspicious Death: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में रोजाना नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए सवालों ने केस को नया मोड़ दिया है। सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार कपूर ने दलीलें दीं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर मिले चोट के निशानों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दलील दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिन चोटों का जिक्र है, वो शव को फंदे से नीचे उतारते वक्त तो नहीं लगी होंगी।

ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़

ट्विशा शर्मा केस में हाईकोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार कपूर ने दलील देते हुए कहा- ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी कलाई, कोहनी और सिर पर चोट के निशान मिले हैं, वो मौत से पहले हुई हाथापाई के हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह पता चलता है कि ये चोटें तब नहीं लगी होंगी, जब ट्विशा के शव को फंदे से नीचे उतारा जा रहा था। सॉलिसिटर जनरल तुषार कपूर की ओर से दी गई इस दलील से ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

गिरिबाला सिंह की जमानत पर फैसला सुरक्षित

इधर ट्विशा शर्मा केस में जमानत पर चल रहीं रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने का फैसला जबलपुर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और इस दौरान जमकर बहस भी हुई। बुधवार को जबलपुर हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति देवनारायण की एकलपीठ में गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने पर सुनवाई हुई और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस भी हुई।

पीड़ित पक्ष के वकील ने दी जानकारी

पीड़ित पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को दो मोर्चों पर चुनौती दी गई थी, पहला त्विशा के परिवार की ओर से दायर याचिका के जरिए। दूसरा प्रशासन की ओर से दायर एक याचिका के जरिए। श्रीवास्तव ने कहा कि अब सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है, इसलिए सीबीआई की ओर से भी एक आवेदन किया गया, जिसमें स्वीकार किया गया है कि यह मामला अब उनके अधिकार क्षेत्र में है और अनुरोध के बाद कार्यवाही में औपचारिक रूप से प्रशासन के साथ सीबीआई का नाम भी शामिल कर लिया गया है। इसके बाद हुई लंबी सुनवाई के दौरान हमने अपना पक्ष रखा और तर्क दिया कि उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी। शाम 5.20 बजे तक दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमें आदेश प्राप्त होगा और हमें पूरा भरोसा है कि इस मामले में हमें सफलता मिलेगी।

12 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा। अब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है और कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है ।

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