Bakrid 2026: बकरीद से पहले रायगढ़ में ‘शाही बकरों’ का जलवा, डेढ़ लाख तक में बिक रहे खास नस्ल के बकरे

Bakrid 2026: बकरीद से पहले रायगढ़ में ‘शाही बकरों’ का जलवा, डेढ़ लाख तक में बिक रहे खास नस्ल के बकरे

Bakrid 2026: रायगढ़ में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुस्लिम समाज में खासा उत्साह है। शहर में पंजाब और ओडिशा से खास नस्ल के बकरे मंगाए गए हैं, जिनकी कीमत 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है। बीड़पारा निवासी शानू खान ने पंजाब से बीटल नस्ल का महंगा बकरा खरीदा है, जिसकी विशेष देखभाल की जा रही है। बकरों के लिए कूलर, पौष्टिक चारा और हरी सब्जियों की व्यवस्था की गई है। बकरीद से पहले शहर में बकरों की खरीद-फरोख्त और बाजारों में रौनक बढ़ गई है।

Bakrid 2026: खास नस्ल के बकरे

मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि बकरीद को लेकर वे करीब एक महीने पहले से ही बकरों की तलाश और खरीदारी में जुटे हुए थे। रायगढ़ में पंजाब, ओडिशा और आसपास के कई जिलों से खास नस्ल के बकरे लाए गए हैं। इन बकरों को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ पहुंच रही है।

पंजाब से मंगाया गया बीटल नस्ल का खास बकरा

बीड़पारा निवासी शानू खान ने बताया कि उन्होंने करीब छह महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का एक खास बकरा मंगाया था। इस बकरे की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा उन्होंने एक और बीटल नस्ल का बकरा भी खरीदा है।

Bakrid 2026

शानू खान के अनुसार, उनके पास कई बड़े और अच्छी नस्ल के बकरे हैं, जिनकी विशेष देखभाल की जा रही है। गर्मी को देखते हुए बकरों के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही उनके खान-पान का भी खास ध्यान रखा जा रहा है।

बकरों के लिए स्पेशल डाइट और देखभाल

बकरीद को लेकर खरीदे गए इन महंगे बकरों को हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा खिलाया जा रहा है। मालिकों का कहना है कि स्वस्थ और मजबूत बकरों की मांग ज्यादा रहती है, इसलिए उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही।

बीड़पारा के ही फैज अहमद ने बताया कि वे ओडिशा से कई बकरे लेकर आए हैं। इनमें दो बड़े नस्ल के बकरे ऐसे हैं जिनकी कीमत करीब 55 से 60 हजार रुपए है। इनकी भी विशेष देखरेख की जा रही है और लोगों के बीच इन्हें लेकर खास आकर्षण देखा जा रहा है।

Bakrid 2026: बाजारों में बढ़ी रौनक

बकरीद नजदीक आते ही रायगढ़ के बाजारों और मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक बढ़ गई है। लोग अपने बजट और पसंद के अनुसार बकरों की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार खास नस्ल और बड़े आकार के बकरों की मांग ज्यादा देखने को मिल रही है। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि ईद-उल-अजहा उनके लिए आस्था और कुर्बानी का पर्व है, जिसे वे पूरे उत्साह और धार्मिक भावना के साथ मनाते हैं।

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