MP में UCC लागू करने पर काम तेज, CM मोहन यादव ने लॉन्च की वेबसाइट

MP में UCC लागू करने पर काम तेज, CM मोहन यादव ने लॉन्च की वेबसाइट

UCC MP Website: मध्य प्रदेश में समान नागरिकता संहिता (Uniform Civil Code या UCC) को लागू करने की कवायद तेज होती हुई दिखाई दे रही है। सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को यूनिफार्म सिविल कोड के संबंध में मंत्रालय में अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश की ऑफिसियल वेबसाइट (UCC MP Website) को लॉन्च किया। सीएम ने कहा कि समान नागरिकता संहिता के संबंध में प्रदेश में प्राप्त सुझावों के संकलन के लिए की गई पहल सराहनीय है। जनता के मत प्राप्त करने के लिए बनाई गई वेबसाइट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। जिलों में समान नागरिक संहिता समिति के भ्रमण से यह कार्य आसान होगा। इस तरह की वेबसाइट के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। (MP News)

(फोटो-सीएम मोहन यादव फेसबुक पेज )
(फोटो-सीएम मोहन यादव फेसबुक पेज )

जिलों में जाकर जन परामर्श लेगी समिति

सीएम ने समान नागरिक संहिता समिति के सदस्यों को वेबसाइट के निर्माण के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद से ही इस तरह के कार्य की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी। नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए पारिवारिक विधि के समग्र अध्ययन की जरूरत है। जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे, जिनका सम्मान करते हुए विचार मंथन होगा। सभी सुझावों का संकलन भी किया जाएगा।

ऑनलाइन भी दे सकेंगे राय और सुझाव, 15 जून होगी अंतिम तारीख

राज्य शासन द्वारा विवाह, भरण पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार एवं अन्य परिवार संबंधित कानूनों से संबंधित विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुशंसाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इस उद्देश्य से ही उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। इस अवसर पर समिति द्वारा जन परामर्श के उद्देश्य से निर्मित की गई वेबसाइट https://ucc.mp.gov.in/ पर जनता से सुझाव और उनकी राय ली जाएगी। सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 मई से आगामी 15 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।

(फोटो-सीएम मोहन यादव फेसबुक पेज )
(फोटो-सीएम मोहन यादव फेसबुक पेज )

इन राज्यों में हो चुका लागू

मध्यप्रदेश ने UCC लागू करने की दिशा में अहम कदम बढ़ा दिया है। प्रदेश अब उत्तराखंड और गुजरात की राह पर आगे बढ़ रहा है। राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश जारी कर दिया है। यह कमेटी प्रदेश में विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे निजी कानूनों का अध्ययन कर एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी। समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code/UCC) सबसे गोवा में पुर्तगाली समय 1867 में ही लागू कर दिया गया था। लेकिन स्वतंत्र भारत में इसे लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड बना। इसकी खासियत ये है कि यह कानून लिव इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को भी अनिवार्य बनाता है। बहुविवाह पर रोक लगाता है। वहीं भारतीय पुरुष सत्तात्मक समाज में महिलाओं को भी समान अधिकार देता है। (MP News)

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