नीमच में नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं पर प्रशासन का शिकंजा

नीमच में नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं पर प्रशासन का शिकंजा

नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार एवं उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन डा दिनेश प्रसाद के नेतृत्व में जिले में औषधि विक्रय संस्थानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से एनआरएक्स-नशे के रूप में दुरुपयोग की संभावना वाली दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की सघन जांच की जा रही है। औषधि निरीक्षक नीमच द्वारा विभिन्न औषधि विक्रय संस्थानों के औचक निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर जिले के 2 मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई की गई है।

खाद्य एवं औषधि निरीक्षक नीमच शोभित कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों के संचालन में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इस पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी, नीमच द्वारा दोनों संस्थानों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए थे। संचालकों द्वारा प्रतिउत्तर में संतोषजनक तथ्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने के कारण मेसर्स मल्लिक फार्मेसी, बैंसला का औषधि लाइसेंस 7 दिवस के लिए निलंबित कर, निलंबन अवधि तक मेडिकल स्टोर को सील किया गया है। इसी तरह मेसर्स ओम मेडिकल, मनासा का औषधि लाइसेंस 5 दिवस के लिए निलंबित कर, निलंबन अवधि तक मेडिकल स्टोर को सीलबंद किया गया है।

औषधि विक्रेताओं को सख्त निर्देश

नीमच जिले के समस्त औषधि विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे संस्थान के संचालन के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। साथ ही एनआरएक्स/नशे के रूप में दुरुपयोग की संभावना वाली दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड नियमानुसार अनिवार्य रूप से संधारित करें। औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी औषधि विक्रय संस्थान का संचालन नियमानुसार नहीं पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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