उपेंद्र यादव हत्याकांड में FIR, 25 को बनाया आरोपी:मोबाइल विवाद में बेरहमी से मर्डर; आंख फोड़ी, शरीर पर चोट के निशान

उपेंद्र यादव हत्याकांड में FIR, 25 को बनाया आरोपी:मोबाइल विवाद में बेरहमी से मर्डर; आंख फोड़ी, शरीर पर चोट के निशान

गयाजी पुलिस ने ई-रिक्शा ड्राइवर उपेंद्र यादव(40) हत्याकांड में जांच तेज कर दी है। पत्नी के आवेदन पर 25 लोगों को नामजद बनाया गया है। केस दर्जकर मामले की छानबीन की जा रही है। परिवार के लोगों ने अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया है। घटना बोधगया के रामपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक उपेंद्र बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकले थे। देर शाम तक नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद भी कहीं कुछ पता नहीं चला। थक-हारकर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच गुरुवार की दोपहर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर महादलित टोला के पास झाड़ियों में शव बरामद हुआ। मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था ग्रामीणों के अनुसार उपेंद्र का महादलित टोला के कुछ युवकों के साथ मोबाइल चोरी को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच काफी कहासुनी और तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि बाद में गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। बताया जा रहा है कि उसी विवाद के बाद से उपेंद्र लापता थे। बेरहमी से की गई हत्या प्रथम दृष्टया जांच में हत्या काफी बेरहमी से किए जाने की बात सामने आ रही है। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के कई निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि उनकी एक आंख भी फोड़ दी गई थी। शरीर पर बुरी तरह से मारपीट के निशान थे। पीठ के हिस्से पर गर्म पानी डालने जैसे निशान और फफोले मिले हैं। इस घटना के बाद से गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल के पास स्थित एक बंद घर से कई अहम साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी आसपास के इलाके में जांच-पड़ताल की थी। मौके पर बोधगया थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह, मगध विश्वविद्यालय थाना प्रभारी, क्षेत्रीय विधायक कुमार सर्वजीत और नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र यादव पहुंचे थे। बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी के बयान पर 25 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। छानबीन की जा रही है। गयाजी पुलिस ने ई-रिक्शा ड्राइवर उपेंद्र यादव(40) हत्याकांड में जांच तेज कर दी है। पत्नी के आवेदन पर 25 लोगों को नामजद बनाया गया है। केस दर्जकर मामले की छानबीन की जा रही है। परिवार के लोगों ने अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया है। घटना बोधगया के रामपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक उपेंद्र बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकले थे। देर शाम तक नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद भी कहीं कुछ पता नहीं चला। थक-हारकर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच गुरुवार की दोपहर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर महादलित टोला के पास झाड़ियों में शव बरामद हुआ। मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था ग्रामीणों के अनुसार उपेंद्र का महादलित टोला के कुछ युवकों के साथ मोबाइल चोरी को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच काफी कहासुनी और तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि बाद में गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। बताया जा रहा है कि उसी विवाद के बाद से उपेंद्र लापता थे। बेरहमी से की गई हत्या प्रथम दृष्टया जांच में हत्या काफी बेरहमी से किए जाने की बात सामने आ रही है। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के कई निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि उनकी एक आंख भी फोड़ दी गई थी। शरीर पर बुरी तरह से मारपीट के निशान थे। पीठ के हिस्से पर गर्म पानी डालने जैसे निशान और फफोले मिले हैं। इस घटना के बाद से गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल के पास स्थित एक बंद घर से कई अहम साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी आसपास के इलाके में जांच-पड़ताल की थी। मौके पर बोधगया थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह, मगध विश्वविद्यालय थाना प्रभारी, क्षेत्रीय विधायक कुमार सर्वजीत और नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र यादव पहुंचे थे। बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी के बयान पर 25 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। छानबीन की जा रही है।  

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