Chhattisgarh News: बिलासपुर नगर निगम में नौकरी का बड़ा मौका! 671 पद खाली, इंजीनियरों समेत कई सीटें खाली

Chhattisgarh News: बिलासपुर नगर निगम में नौकरी का बड़ा मौका! 671 पद खाली, इंजीनियरों समेत कई सीटें खाली

Chhattisgarh News: बिलासपुर नगर निगम इन दिनों कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। निगम में कुल 1274 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 603 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 671 पद अब भी रिक्त हैं। इससे नगर निगम के दैनिक कामकाज और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है। नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। विभिन्न श्रेणियों के इंजीनियरों के 81 स्वीकृत पदों में से केवल 32 इंजीनियर कार्यरत हैं, जबकि 49 पद खाली हैं। ऐसे में कई प्रोजेक्ट और तकनीकी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

Chhattisgarh News: 70 वार्ड, लेकिन हर वार्ड के लिए सब इंजीनियर नहीं

परिसीमन के बाद निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ा है और इसमें 18 नगर पंचायत, नगर पालिका और ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके बावजूद स्टाफ बढ़ाने के बजाय कमी बनी हुई है। हालत यह है कि 70 वार्डों में हर वार्ड के लिए एक-एक सब इंजीनियर तक उपलब्ध नहीं है। फिलहाल सीमित इंजीनियरों को कई वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है।

निगम को मिले तीन नए कार्यपालन अभियंता

स्टाफ की कमी के बीच निगम को कुछ राहत मिली है। ललित त्रिवेदी, जिन्हें असिस्टेंट इंजीनियर से पदोन्नत कर प्रभारी कार्यपालन अभियंता बनाया गया है, अब बिलासपुर में सेवाएं देंगे। इसके अलावा रायपुर नगर निगम के ईई लाल महेंद्र प्रताप सिंह और कोंडागांव के सहायक अभियंता बृजेश श्रीवास्तव को भी प्रभारी ईई के तौर पर यहां पदस्थ किया गया है। वहीं, अंकुर पांडेय को उपायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है।

नए सेटअप की मांग

जोन कमिश्नर और स्थापना प्रभारी प्रवेश कश्यप के मुताबिक, निगम क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए राज्य सरकार से नए सेटअप और अतिरिक्त पदों की मांग की गई है, ताकि बढ़ते कार्यभार को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

Chhattisgarh News: विभागवार रिक्तियों की स्थिति

निगम में 47 सब इंजीनियर पदों में से सिर्फ 21, 22 असिस्टेंट इंजीनियर पदों में से केवल 4, और 10 कार्यपालन अभियंता पदों में से सिर्फ 6 पद भरे हुए हैं। वहीं 2 सीनियर इंजीनियर पदों में से केवल एक पद पर नियुक्ति है। इससे साफ है कि नगर निगम का तकनीकी ढांचा गंभीर स्टाफ संकट से गुजर रहा है।

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