Lucknow KGMU News: 2 साल की मासूम के पेट से निकला 1.5 किलो ट्यूमर, सफल सर्जरी से बची जान

Lucknow KGMU News: 2 साल की मासूम के पेट से निकला 1.5 किलो ट्यूमर, सफल सर्जरी से बची जान

KGMU Doctors Remove 1.5 Kg Rare Tumor : राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर दो साल की मासूम बच्ची को नई जिंदगी दी है। डॉक्टरों की टीम ने बच्ची के पेट से करीब 1.5 किलो वजनी विशाल ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की। खास बात यह रही कि बच्ची का कुल वजन लगभग 10 किलो था, ऐसे में ट्यूमर का आकार और वजन डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। ऑपरेशन के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस सफलता के बाद KGMU के डॉक्टरों की सराहना की जा रही है।

दो महीने से दर्द और उल्टी से परेशान थी मासूम

जानकारी के अनुसार दो वर्षीय अंशिका पिछले करीब दो महीनों से लगातार पेट दर्द, उल्टी और भूख न लगने की समस्या से जूझ रही थी। शुरुआत में परिवार वालों को लगा कि यह सामान्य पेट संबंधी परेशानी है, लेकिन धीरे-धीरे बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि बच्ची ठीक से खाना नहीं खा पा रही थी और उसका पेट लगातार फूलता जा रहा था। कई जगह इलाज कराने के बाद आखिरकार उसे KGMU लाया गया।

जांच में सामने आया दुर्लभ ट्यूमर

KGMU में डॉक्टरों ने बच्ची की जांच शुरू की। CT स्कैन और अन्य जांचों के बाद पता चला कि उसके पेट में एक बड़ा ट्यूमर मौजूद है। विशेषज्ञों के अनुसार यह “लिपोब्लास्टोमा” नामक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर था। यह बीमारी छोटे बच्चों में बहुत कम देखने को मिलती है। डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर का आकार तेजी से बढ़ रहा था और वह बच्ची की आंतों तथा किडनी पर दबाव बना रहा था। यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

डॉक्टरों के सामने थी बड़ी चुनौती

KGMU के विशेषज्ञों के अनुसार बच्ची की उम्र और वजन को देखते हुए यह सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी। ट्यूमर पेट के अंदर कई महत्वपूर्ण अंगों के बेहद करीब था। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान आंतों, किडनी और रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती थी। सर्जरी की पूरी प्रक्रिया प्रोफेसर जिलेदार रावत की देखरेख में की गई। डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने कई घंटों तक ऑपरेशन कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

डेढ़ किलो का था ट्यूमर

डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के पेट से निकाला गया ट्यूमर करीब 1.5 किलो का था। दो साल की बच्ची के शरीर में इतना बड़ा ट्यूमर होना बेहद दुर्लभ मामला माना जाता है। बच्ची का कुल वजन लगभग 10 किलो था, ऐसे में ट्यूमर उसके शरीर के वजन का बड़ा हिस्सा बन चुका था। यही वजह थी कि बच्ची को लगातार दर्द, उल्टी और खाने में दिक्कत हो रही थी।

सफल ऑपरेशन के बाद स्वस्थ हुई बच्ची

सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को कुछ दिनों तक विशेष निगरानी में रखा। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार होने लगा। बच्ची ने सामान्य रूप से खाना शुरू किया और उसकी शारीरिक स्थिति भी बेहतर होती गई। डॉक्टरों ने बताया कि अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। परिजनों ने KGMU के डॉक्टरों और पूरे मेडिकल स्टाफ का आभार जताया।

लिपोब्लास्टोमा क्या है

विशेषज्ञों के अनुसार लिपोब्लास्टोमा एक दुर्लभ प्रकार का फैटी टिशू ट्यूमर होता है, जो आमतौर पर छोटे बच्चों में पाया जाता है। हालांकि यह कैंसर नहीं होता, लेकिन इसका आकार तेजी से बढ़ सकता है और शरीर के अन्य अंगों पर दबाव डाल सकता है। यदि समय पर इलाज न हो तो यह मरीज के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसका सबसे प्रभावी इलाज सर्जरी माना जाता है।

बच्चों में लक्षणों को नजरअंदाज न करें

डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि छोटे बच्चों में लगातार पेट दर्द, उल्टी, भूख कम लगना, पेट फूलना या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। उनका कहना है कि कई बार गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारी जैसे लगते हैं, लेकिन समय रहते जांच होने पर इलाज आसान हो जाता है।

KGMU की उपलब्धि की हो रही सराहना

इस जटिल सर्जरी की सफलता के बाद KGMU की चिकित्सा व्यवस्था की सराहना हो रही है। सूत्रों  का कहना है कि इस तरह के दुर्लभ मामलों में अनुभवी डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की अहम भूमिका होती है। KGMU लगातार गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज में बड़ी सफलताएं हासिल कर रहा है, जिससे प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के मरीज भी यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मासूम अंशिका के सफल इलाज के बाद उसके परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने कहा कि पिछले दो महीने उनके लिए बेहद मुश्किल भरे थे। बच्ची की हालत लगातार खराब हो रही थी, लेकिन अब उसे स्वस्थ देखकर परिवार ने राहत की सांस ली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *