उतरेन में शतचंडी महायज्ञ शुरू:1100 कलशों के साथ श्रद्धालुओं ने निकाली शोभायात्रा

उतरेन में शतचंडी महायज्ञ शुरू:1100 कलशों के साथ श्रद्धालुओं ने निकाली शोभायात्रा

गया जिले के कोंच टिकारी विधानसभा अंतर्गत कोंच प्रखंड की उतरेन ग्राम पंचायत में बुधवार को नवनिर्मित देवी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा सह नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर 1100 कलशों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। महायज्ञ का आरंभ आचार्य उमेश पांडेय के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। सर्वप्रथम देवी मंदिर के प्रांगण में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिससे गांव का वातावरण ‘जय माता दी’ के जयघोष से गूंज उठा। 1100 कलशों के साथ मोरहर नदी से जल भरकर भव्य आयोजन इस शोभायात्रा में 1100 से अधिक महिलाओं और पुरुषों ने अपने सिर पर कलश धारण किए। हजारों श्रद्धालु पंचानपुर स्थित मोरहर नदी के तट पर पहुंचे, जहाँ आचार्य द्वारा संकल्प कराने के पश्चात पवित्र जल भरा गया। जल लेकर श्रद्धालु पुनः यज्ञशाला पहुंचे, जहाँ मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कर महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों जयप्रकाश तिवारी, नवीन सिंह और पवन कुमार ने बताया कि महायज्ञ के दौरान भक्तों के लिए दो प्रसिद्ध कथावाचिकाएं प्रवचन देंगी। नारायणी तिवारी और आराध्या दीदी द्वारा 6 मई से 13 मई तक प्रतिदिन प्रवचन एवं कथा का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ समिति के अनुसार, 6 मई को शुरू हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान 13 मई को समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। इसके अगले दिन, 14 मई को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति सदस्य राम सिंह और पुटून पाठक ने बताया कि यज्ञ में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगातार जारी रहेगा। यज्ञशाला का निर्माण बाहरी कारीगरों द्वारा आकर्षक ढंग से किया गया है। गया जिले के कोंच टिकारी विधानसभा अंतर्गत कोंच प्रखंड की उतरेन ग्राम पंचायत में बुधवार को नवनिर्मित देवी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा सह नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर 1100 कलशों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। महायज्ञ का आरंभ आचार्य उमेश पांडेय के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। सर्वप्रथम देवी मंदिर के प्रांगण में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिससे गांव का वातावरण ‘जय माता दी’ के जयघोष से गूंज उठा। 1100 कलशों के साथ मोरहर नदी से जल भरकर भव्य आयोजन इस शोभायात्रा में 1100 से अधिक महिलाओं और पुरुषों ने अपने सिर पर कलश धारण किए। हजारों श्रद्धालु पंचानपुर स्थित मोरहर नदी के तट पर पहुंचे, जहाँ आचार्य द्वारा संकल्प कराने के पश्चात पवित्र जल भरा गया। जल लेकर श्रद्धालु पुनः यज्ञशाला पहुंचे, जहाँ मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कर महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों जयप्रकाश तिवारी, नवीन सिंह और पवन कुमार ने बताया कि महायज्ञ के दौरान भक्तों के लिए दो प्रसिद्ध कथावाचिकाएं प्रवचन देंगी। नारायणी तिवारी और आराध्या दीदी द्वारा 6 मई से 13 मई तक प्रतिदिन प्रवचन एवं कथा का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ समिति के अनुसार, 6 मई को शुरू हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान 13 मई को समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। इसके अगले दिन, 14 मई को भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति सदस्य राम सिंह और पुटून पाठक ने बताया कि यज्ञ में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगातार जारी रहेगा। यज्ञशाला का निर्माण बाहरी कारीगरों द्वारा आकर्षक ढंग से किया गया है।  

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