हरदोई। वरिष्ठ साहित्यकार सीमा गुप्ता ‘असीम’ की चौथी काव्य कृति ‘प्रिय मुझे पहचान लेना’ का लोकार्पण समारोह सरस्वती सदन सेवा समिति के सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के अनेक साहित्यकार, बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सुकवि उदयराज सिंह ‘उदय’ ने माँ शारदे की वंदना प्रस्तुत की, जबकि मंगलाचरण विभा गुप्ता और बालक चैतन्य द्वारा किया गया। संस्था अध्यक्ष श्रवण कुमार मिश्र ‘राही’ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था की साहित्यिक परंपरा पर प्रकाश डाला। कृतिकार सीमा गुप्ता ‘असीम’ ने अपने गीत संग्रह की विषयवस्तु पर बात की। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है और संवेदनाओं को अभिव्यक्ति देने का सबसे सुंदर साधन है। इस दौरान स्वरकार राखी गुप्ता ने कृति के एक गीत का सुमधुर गायन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्य अतिथि डॉ. ईश्वर चंद्र वर्मा ने साहित्य को समाज का दर्पण और मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि साहित्य मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखता है। ग्रामोदय डिग्री कॉलेज खिरिया की निदेशक डॉ. शिवानी मिश्रा ने कृति को संग्रहणीय बताते हुए इसमें जीवन के विविध रंगों और अनुभवों के सुंदर चित्रण की सराहना की। सदन उपाध्यक्ष डॉ. ब्रह्म स्वरूप पांडे ने कृति में भाव पक्ष और कला पक्ष के संतुलन की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन मनीष कुमार मिश्र ने किया, जबकि प्रो. अखिलेश वाजपेयी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रामदेव बाजपेई, रमेश चंद्र गुप्ता, अमिष गुप्ता सहित कई साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में जिले के गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, युवा रचनाकार और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिसने हरदोई की साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की।


