अररिया में नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित नगर पंचायत कार्यालय परिसर में रविवार को एक विद्युत ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई। आग की लपटें तेज होने के कारण मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर में अचानक चिंगारी उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। इस अग्निकांड में कार्यालय परिसर में लगा एयर कंडीशनर (एसी), कंप्यूटर रूम में रखे कैमरे, सोलर लाइट, कई कंप्यूटर और अन्य आवश्यक सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस घटना में लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सामान और महत्वपूर्ण कागजात जलकर नष्ट हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ट्रांसफॉर्मर कई दिनों से खराब था और इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को पहले ही दी गई थी। इसके बावजूद, समय रहते कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी विकास कुमार ने भी इन आरोपों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि खराब ट्रांसफॉर्मर को कार्यालय परिसर से हटाकर दूसरी जगह स्थापित करने के लिए विद्युत विभाग को लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन विभाग ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से खराब ट्रांसफॉर्मर को तत्काल बदलने और क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। अररिया में नरपतगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित नगर पंचायत कार्यालय परिसर में रविवार को एक विद्युत ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई। आग की लपटें तेज होने के कारण मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर में अचानक चिंगारी उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। इस अग्निकांड में कार्यालय परिसर में लगा एयर कंडीशनर (एसी), कंप्यूटर रूम में रखे कैमरे, सोलर लाइट, कई कंप्यूटर और अन्य आवश्यक सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि इस घटना में लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सामान और महत्वपूर्ण कागजात जलकर नष्ट हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ट्रांसफॉर्मर कई दिनों से खराब था और इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को पहले ही दी गई थी। इसके बावजूद, समय रहते कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी विकास कुमार ने भी इन आरोपों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि खराब ट्रांसफॉर्मर को कार्यालय परिसर से हटाकर दूसरी जगह स्थापित करने के लिए विद्युत विभाग को लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन विभाग ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से खराब ट्रांसफॉर्मर को तत्काल बदलने और क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।


