जोधपुर। शहर के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और भविष्य की सीवरेज जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आरयूआईडीपी की ओर से खोखरिया गांव में 5 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। खसरा नंबर 122 में प्रस्तावित यह परियोजना उत्तरी जोधपुर के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। इसके शुरू होने से क्षेत्र में सीवरेज प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
एशियन विकास बैंक के सहयोग से संचालित इस परियोजना के तहत जून 2025 में अधिकारियों ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद यहां एसटीपी निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिससे बढ़ती आबादी और सीवरेज लोड को आसानी से संभाला जा सकेगा। परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
कई क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा
इस एसटीपी के निर्माण से मण्डोर, निम्बा-निम्बड़ी, कबीर आश्रम, सरस्वती नगर, रुखिया प्याऊ, ऋषिकेश नगर, श्याम विहार, भानु नगर, नारी निकेतन, आंगणवा, खोखरिया, मण्डोर पुलिस थाना के पीछे का क्षेत्र, रूप नगर, सुखाला, पदाला, बारली मण्डावता, जेडीए कॉलोनी और 8 मील सहित कई क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। इससे सीवरेज निकासी की समस्या का समाधान होगा और स्वच्छता के स्तर में सुधार आएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
एनओसी जारी
परियोजना के लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से नवंबर 2025 में एनओसी जारी की जा चुकी है। इसके बाद रुडिप ने निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए साइट पर प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि सभी आवश्यक समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द कार्य को गति दी जाए।
पहले रुक चुका है काम
खोखरिया गांव में एसटीपी निर्माण के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में खसरे की सफाई का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए इसे रुकवा दिया। बनाड़ थाने के सहयोग से कार्य दोबारा शुरू कराने की कोशिश की गई, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया। स्थिति को देखते हुए रुडिप ने पुलिस उपायुक्त से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।
खोखरिया क्षेत्र में सीवरेज का आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। वहीं एसटीपी के निर्माण से कई इलाकों को आने वाले समय में राहत मिलने वाली है। ऐसे में आगामी दिनों में निर्माण से जुड़ी अड़चनों का समाधान कर कार्य शुरू करने की योजना है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता संजय माथुर ने भी परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने की बात कही है।


