Rajasthan: 6 घंटे चली DGP की मैराथन बैठक, अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने के सख्त निर्देश

Rajasthan: 6 घंटे चली DGP की मैराथन बैठक, अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने के सख्त निर्देश

जयपुर। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में रेंज स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक आयोजित हुई।

छह घंटे से अधिक समय तक चली इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और पुलिसिंग को आधुनिक बनाने को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक में विभिन्न रेंज और जिलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए बेहतर पुलिसिंग के लिए रोडमैप तय किया गया।

Rajasthan DGP meeting
बैठक में शामिल अधिकारी (फोटो-पत्रिका)

डीजीपी के कड़े रुख

बैठक के दौरान डीजीपी ने गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस, गैंगस्टर और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में वित्तीय जांच को अनिवार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि अपराधियों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच करने की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए जारी दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना करने को कहा।

मालखानों का निस्तारण के निर्देश

डीजीपी ने हिस्ट्रीशीटर, आदतन अपराधियों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए अधिकारियों से इसे चुनौती के रूप में लेने को कहा, ताकि ऐसे अपराधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। थानों के मालखानों में वर्षों से पड़ी सामग्री के निस्तारण के लिए भी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

‘राजकॉप सिटीजन एप’

तकनीकी नवाचार पर जोर देते हुए डीजीपी ने ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के अधिकतम उपयोग की बात कही और जिलों को अलग-अलग एप बनाने के बजाय अपने सुझाव मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें एकीकृत प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जा सके। साथ ही थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग, डिटेक्शन और रिकवरी प्रतिशत में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया।

‘लेन ड्राइविंग’ व्यवस्था

यातायात प्रबंधन को लेकर जयपुर रेंज में लागू ‘लेन ड्राइविंग’ व्यवस्था को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार देने और टोल प्लाजा पर जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए। थानों के स्वागत कक्षों को डिजिटल सुविधाओं से लैस कर पारदर्शिता बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहा।

झूठे मुकदमों पर भी सख्त रुख

बैठक में झूठे मुकदमों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए डीजीपी ने ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वहीं ‘थाना गोद लेने’ जैसी नवाचार पहल की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

बीट प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश

इसके अलावा बीट प्रणाली को मजबूत करने, 181 हेल्पलाइन पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई, सड़क सुरक्षा की निगरानी और अभय कमांड सेंटर की प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने जैसे कई अहम निर्देश दिए गए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव साझा किए, जिससे प्रदेश में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *