भोजपुर-दरभंगा से 2 साइबर अपराधी गिरफ्तार:फर्जी आधार गिरोह का खुलासा; लैपटॉप, आइरिस स्कैनर बरामद; झारखंड-ओडिशा तक फैला है नेटवर्क

भोजपुर-दरभंगा से 2 साइबर अपराधी गिरफ्तार:फर्जी आधार गिरोह का खुलासा; लैपटॉप, आइरिस स्कैनर बरामद; झारखंड-ओडिशा तक फैला है नेटवर्क

भोजपुर साइबर पुलिस ने आधार सिस्टम से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले अंतर जिला गिरोह का खुलासा किया है। दरभंगा और भोजपुर से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। पुलिस ने गिरोह के पास से तीन लैपटॉप, आइरिस स्कैनर, क्लोन फिंगर प्रिंट और बायोमेट्रिक मशीन समेत कई उपकरण बरामद किए हैं। जिनके जरिए यह गिरोह आधार सिस्टम को हैक कर अवैध तरीके से नए कार्ड बना रहा था और पुराने आधार में संशोधन कर रहा था। 25 अप्रैल 2026 को आरा ब्लॉक स्थित एक अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र संचालक ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात हैकरों ने उनके ऑपरेटर आईडी, स्टेशन आईडी, यूजरनेम और पासवर्ड को हैक कर लिया है। इसके बाद क्लोन फिंगर प्रिंट के माध्यम से सिस्टम को बायपास कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और विशेष टीम का गठन किया। झारखंड, ओडिशा तक फैला है नेटवर्क पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष स्नेह सेतू के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी की। दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र से मो. फुलहसन और भोजपुर के पीरो क्षेत्र से संजय कुमार उर्फ रिटू सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड और ओडिशा तक फैला था। जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। एक आरोपी मधुबनी का रहने वाला है पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अधिकृत आधार केंद्रों के ऑपरेटरों का डेटा चोरी कर बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रहा था। इसके साथ ही इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध नकदी निकासी जैसी गतिविधियों को भी अंजाम दिया जा रहा था। फिलहाल मधुबनी जिले के एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। आम जनता से अपील साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवा केंद्रों पर ही आधार संबंधी कार्य कराएं, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े से बचा जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं और इस नेटवर्क का विस्तार किन-किन जिलों तक है। भोजपुर साइबर पुलिस ने आधार सिस्टम से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले अंतर जिला गिरोह का खुलासा किया है। दरभंगा और भोजपुर से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। पुलिस ने गिरोह के पास से तीन लैपटॉप, आइरिस स्कैनर, क्लोन फिंगर प्रिंट और बायोमेट्रिक मशीन समेत कई उपकरण बरामद किए हैं। जिनके जरिए यह गिरोह आधार सिस्टम को हैक कर अवैध तरीके से नए कार्ड बना रहा था और पुराने आधार में संशोधन कर रहा था। 25 अप्रैल 2026 को आरा ब्लॉक स्थित एक अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र संचालक ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात हैकरों ने उनके ऑपरेटर आईडी, स्टेशन आईडी, यूजरनेम और पासवर्ड को हैक कर लिया है। इसके बाद क्लोन फिंगर प्रिंट के माध्यम से सिस्टम को बायपास कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और विशेष टीम का गठन किया। झारखंड, ओडिशा तक फैला है नेटवर्क पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष स्नेह सेतू के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी की। दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र से मो. फुलहसन और भोजपुर के पीरो क्षेत्र से संजय कुमार उर्फ रिटू सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड और ओडिशा तक फैला था। जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। एक आरोपी मधुबनी का रहने वाला है पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अधिकृत आधार केंद्रों के ऑपरेटरों का डेटा चोरी कर बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रहा था। इसके साथ ही इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध नकदी निकासी जैसी गतिविधियों को भी अंजाम दिया जा रहा था। फिलहाल मधुबनी जिले के एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। आम जनता से अपील साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवा केंद्रों पर ही आधार संबंधी कार्य कराएं, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े से बचा जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं और इस नेटवर्क का विस्तार किन-किन जिलों तक है।  

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