Hostel For Working Women: इस वर्ष सितंबर-अक्टूबर तक सिरोही की कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। कामकाजी महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने अहम पहल की है।
सिरोही शहर में किशोर गृह के पास 50 महिलाओं के लिए 3.58 करोड़ रुपए की लागत से कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होते ही 50 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस छात्रावास का निर्माण कार्य 4 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करना है। यह छात्रावास 0.32 हैक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। यह परियोजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इस योजना में प्राथमिकता सरकारी, गैर-सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत महिलाओं को दी जाएगी। इसके अलावा अल्प आय वर्ग की स्वरोजगार करने वाली महिलाएं भी इसके लिए पात्र होंगी।
अधिकतम 5 वर्ष तक मिलेगा आवास का लाभ
इस योजना के तहत कामकाजी महिलाओं को प्रारंभिक रूप से 3 वर्ष तक छात्रावास में निवास की सुविधा दी जाएगी। यदि महिला का व्यवहार संतोषजनक पाया जाता है, तो समिति की अनुशंसा और जिला कलक्टर की स्वीकृति से इसे एक-एक वर्ष की अवधि में अधिकतम 2 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। इस प्रकार कोई भी महिला अधिकतम 5 वर्ष तक इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना हैं, ताकि वे कार्यस्थल और समाज में सशक्त बन सकें तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
छात्रावास में रहने की शर्तें व आवश्यक दस्तावेज
आवश्यक शर्तें:
-कार्यस्थल नगर पालिका, नगर निगम या नगर परिषद क्षेत्र में होना चाहिए।
-महिला या उसके पति/माता-पिता के नाम से उसी शहर में आवास नहीं होना चाहिए।
-मासिक आय 50 हजार रुपए से कम होनी चाहिए।
-आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
-विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा एवं दिव्यांग महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज
-आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं राशन कार्ड
-कार्यस्थल का पहचान पत्र व नियोक्ता की ओर से जारी प्रमाण पत्र
-वेतन पर्ची या स्वयं के व्यवसाय के लिए आय घोषणा पत्र
सितम्बर तक पूर्ण होगा छात्रावास का निर्माण
सिरोही के किशोर गृह के पास 50 महिलाओं के लिए 3.58 करोड़ की लागत से कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन कार्य का समय-समय पर निरीक्षण कर शीघ्र ही काम पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। इस छात्रावास का निर्माण कार्य 4 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करना है। निर्माण कार्य पूरा होते ही 50 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की सुविधा उपलब्ध होगी।
किशनाराम, उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सिरोही


