साल 2025 की बारिश से जल भराव ही नहीं सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा था। छह महीने बीत चुके हैं और अब फिर से मानसून की दस्तक के लिए 60 दिन बचे हैं। तब भी नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन मानसून से पहले सड़कों का निर्माण नहीं कर पाएगा। नगर निगम ने 77 पूर्ण क्षतिग्रस्त, आंशिक क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची बनाकर टेंडर प्रक्रिया आदि पूरी कराई। अभी तक निगम डामर और आरसीसी की 34 सड़कें ही बना सका है। अभी 20 सड़कें नहीं बन सकी है। इसी तरह लोनिवि दो और ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन एक सड़क बना रही है। ये सड़कें भी मानसून की दस्तक के पहले बनना मुश्किल लग रहा है। निगम ने 77 सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत की राशि स्वीकृत कर सड़कों को बनाने का काम शुरू किया था। ये सड़कें नगरीय क्षेत्र के वार्ड 1 से 66 तक की है। इनमें मुख्य सड़कों के अलावा आंतरिक सड़कें है। जहां गड्ढों और धूल के बीच से रहवासियों को निकलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। फिलहाल तीनों विभागों के अफसरों का इस ओर कोई गंभीरता से ध्यान नहीं है। नगर निगम: अधूरी 20 सड़कें
निगम के वार्ड 62 में सूरों से हीरामन का पुरा तक डामरीकरण, गिरगांव में शिवमंदिर से मुक्तिधाम घाट होते हुए हाउसिंग बोर्ड तक डामरीकरण रोड, सिरोल चौराहे से सुंदरम गार्डन कलेक्ट्रेट रोड तक डामरीकरण कर, पड़ाव चौराहे से शानशौक्त तक डामरीकरण (अभी पड़ाव पर लेफ्ट टर्न बकाया), सीसी रोड निर्माण कार्य चंदनपुरा से पुरानी रेशम मिल तक, तेल मिल से शनि मंदिर एबी रोड, शताब्दीपुरम फेस-2 की विभिन्न गलियों में डामरीकरण रोड, सिद्देश्वर हनुमान मंदिर भिंड रोड डामरीकरण रोड, सूर्य मंदिर रोड ब्रिगेडियर तिराहे हनुमान मंदिर तक, आकाशवाणी से सूर्य नमस्कार चौराहा, बारादरी चौराहे से एमएस चौराहे तक, गंगा विहार 60 फुट रोड की विभिन्न गलियां में डामरीकरण, अचलेश्वर चौराहे पर मल्टी से ऊषा कालोनी तक डामरीकरण, बसंत विहार गेट से चेतकपुरी चौराहे तक आदि शामिल हैं। लोक निर्माण: 2 सड़कों पर काम धीमा
विक्की फैक्ट्री से लेकर एजी आफिस पुल तक फोरलेन रोड व्हाइट टॉपिंग बनाई जा रही है। 16 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली रोड को बनाने की तारीख 31 जुलाई रखी गई है। जिस तरह काम चल रहा है। उसे हिसाब से काम पूरा होने में वक्त लग सकता है। न्यू कलेक्ट्रेट तिराहे से अलापुर तिराहे तक व्हाइट टॉपिंग रोड पर 6.50 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। ये सड़क भी 31 जुलाई तक पूरी करना है। इस दौरान मानसून की दस्तक होगी और लोग परेशान होंगे। स्मार्ट सिटी: 1 सड़क
ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन सिर्फ एक सड़क निर्माण का काम करा रहा है। ये सड़क वीसी बंगले से सिमरौल चौराहे तक फोरलेन सड़क का काम कर रहा है। 7.13 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ये सड़क भी पूरी तरह बारिश के बाद ही बन सकेगी। ऐसे करें निदान मुख्य सड़कों पर उड़ती धूल के कारण निकलना मुश्किल। इससे प्रदूषण पर भी असर पड़ रहा है।
निदान: पानी के टैंकर से छिड़काव कर उड़ती धूल को रोका जा सकता है।
सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे। गिट्टियों को भरकर काम चलाया जा रहा है।
निदान: सफेद गिट्टी के स्थान पर पेच रिपेयरिंग का काम होना चाहिए।
रात के वक्त कई जगह स्ट्रीट लाइट नहीं जलती। ऐसे में गड्ढे ज्यादा खतरनाक हो जाते है।
निदान: स्ट्रीट लाइट को चालू कर देना चाहिए। इससे काफी मदद मिलेगी। काम चल रहा है, 31 जुलाई तक बना देंगे
लोनिवि दो व्हाइट टॉपिंग सड़कों का निर्माण शहर में कर रहा है। इनको 31 जुलाई तक बनाने की समय सीमा है। अभी तेजी से काम चल रहा है। -देवेंद्र भदौरिया, कार्यपालन यंत्री लोनिवि बारिश के पहले सड़कें बनाने की कोशिश होगी
जिन 77 सड़कों को बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्हें मानसून से पहले बनाने का प्रयास करेंगे। अभी कुछ सड़कों को 15 दिन पहले मेयर इन काउंसिल से स्वीकृति मिली है। उनके वर्क आर्डर दे दिए गए हैं।
-संघ प्रिय, आयुक्त ननि


