दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से पुरातन छात्र सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश भर से आए 200 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस अवसर पर सभी ने विभाग में बिताए अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. पूनम टंडन उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पुरातन छात्र किसी भी संस्थान के ब्रांड एम्बेसडर होते हैं और उनके उत्कृष्ट कार्यों से ही विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होती है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एलुमनी नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया, जिससे देश-विदेश में फैले पूर्व छात्र एक मंच पर जुड़ सकें और वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा प्राप्त हो।
विशिष्ट अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रकाश मणि त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में स्मृति, अनुभव और आत्मीयता के समन्वय को आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन निरंतर जुड़ाव और आत्मविश्वास के विस्तार के प्रभावी माध्यम होते हैं। राजनीति विज्ञान बेहतर मानव निर्माण का विज्ञान- HOD
अध्यक्षीय संबोधन में विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीकांत पांडेय ने कहा कि सम्मान की भावना ही किसी संस्थान की परंपरा का आधार होती है और राजनीति विज्ञान बेहतर मानव निर्माण का विज्ञान है। डिजिटल संपर्क को बढ़ावा देना जरूरी- प्रो. ममता
राजनीति विज्ञान विभाग एलुमनी एसोसिएशन की अध्यक्ष प्रो. ममता मणि त्रिपाठी ने वर्ष में दो बार इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए डिजिटल संपर्क को बढ़ाने का सुझाव दिया।
भजनों पर झूमें लोग
सम्मेलन में संगीत का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। डॉ. अमित कुमार उपाध्याय और डॉ. मधुसूदन सिंह ने प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भावनात्मक बना दिया, जिसमें “ऐसी लगी लगन” विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। छात्रों को सम्मानित किया गया
विभाग की ओर से सभी पुरातन छात्रों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए और विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले पुरातन छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुधीर शुक्ल और अजय कुमार शुक्ल ने किया। मीट के समन्वयक डॉ अमित उपाध्याय रहे।


