हरियाणा के फरीदाबाद में रह रही बिहार की एक महिला ने चुपचाप अपनी डेढ़ साल की मासूम बेटी को नाले में फेंक दिया और वहां से चली आई। नाले में डूबने से बच्ची की मौत हो गई। स्कूल जा रहे दो बच्चों ने उसका शव नाले में पड़ा देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मासूम बच्ची कैसे नाले तक पहुंची? इसकी जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया। टीम ने उस एरिया में लगे सभी सीसीटीवी खंगाले तो एक महिला गोद में बच्ची को ले जाती दिखाई दी। टीम ने उस महिला को आईडेंटिफाई कर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बच्ची को नाले में फेंकने की बात कबूल कर ली। बताया कि उसकी पांच बेटियां पहले से है, यह सबसे छोटी थी। गरीबी में उसने यह कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस को महिला की यह बात खटक रही है। अब पुलिस जानकारी जुटाई रही है कि मामले में उसके पति का तो कोई रोल नहीं है। वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… तीन दिन पहले नाले में पड़ा मिला था बच्ची का शव पुलिस के मुताबिक, तीन दिन पहले यानि 23 अप्रैल को पल्ला थाना क्षेत्र में नाले में एक बच्ची का शव बरामद हुआ था। धीरज नगर और टीटू कॉलोनी पार्ट-2 के बीच से गंदे पानी का एक बड़ा नाला गुजरता है, जिसे स्थानीय लोग बुढ़िया नाला कहते हैं। नाले के ऊपर से आने-जाने के लिए स्थानीय लोगों ने एक कच्ची पगडंडी बना रखी है। दो स्कूली बच्चे वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने ही पगडंडी के नीचे नाले के किनारे बच्ची का शव लोहे के जाल में फंसा देखा। लोहे के जाल में फंसा था शव, पुलिस ने लोगों की मदद से निकाला इसके बाद दोनों बच्चों ने घर जाकर परिवार को इसकी जानकारी दी। लोग मौके पर पहुंचे और करीब जाकर देखा तो पता चला कि बच्ची मृत अवस्था में नाले के किनारे फंसी हुई थी। इसके बाद तुरंत पल्ला थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पल्ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची के शव को नाले से बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला कि बच्ची की उम्र करीब डेढ़ साल है, जिसकी पानी में डूबने से मौत हुई है। क्राइम ब्रांच ने मामले की पड़ताल शुरू की, वीडियो मिला डेढ़ साल की मासूम बच्ची को नाले में फेंकने की बात सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे एरिया के सारे सीसीटीवी खंगाले। दो दिन बाद पुलिस के साथ कामयाबी लगी, जिसमें एक महिला मासूम बच्ची को गोद में लेकर जाती दिखाई दी। मगर, कुछ देर बाद जब वह लौटी, तो उसकी गोद में कोई नहीं था। सीसीटीवी 23 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे का था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार महिला को ढूंढ निकाला इसके बाद पुलिस ने इस सीसीटीवी के आधार पर महिला की तलाश शुरू की। पुलिस कर्मियों का आसपास के एरिया में महिला की फोटो लेकर भेजा गया। धीरज नगर एरिया में जब टीम पहुंची तो वहां के रहने वाले लोगों ने महिला को पहचान लिया। बताया कि यह महिला नीलम है, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और यहां अपने पति संजय के साथ कई सालों से स्लम एरिया में रहती है। इसके बाद टीम ने बताई गई जगह पहुंच कर नीलम को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताई ये बातें…. हरियाणा के फरीदाबाद में रह रही बिहार की एक महिला ने चुपचाप अपनी डेढ़ साल की मासूम बेटी को नाले में फेंक दिया और वहां से चली आई। नाले में डूबने से बच्ची की मौत हो गई। स्कूल जा रहे दो बच्चों ने उसका शव नाले में पड़ा देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मासूम बच्ची कैसे नाले तक पहुंची? इसकी जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया। टीम ने उस एरिया में लगे सभी सीसीटीवी खंगाले तो एक महिला गोद में बच्ची को ले जाती दिखाई दी। टीम ने उस महिला को आईडेंटिफाई कर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बच्ची को नाले में फेंकने की बात कबूल कर ली। बताया कि उसकी पांच बेटियां पहले से है, यह सबसे छोटी थी। गरीबी में उसने यह कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस को महिला की यह बात खटक रही है। अब पुलिस जानकारी जुटाई रही है कि मामले में उसके पति का तो कोई रोल नहीं है। वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… तीन दिन पहले नाले में पड़ा मिला था बच्ची का शव पुलिस के मुताबिक, तीन दिन पहले यानि 23 अप्रैल को पल्ला थाना क्षेत्र में नाले में एक बच्ची का शव बरामद हुआ था। धीरज नगर और टीटू कॉलोनी पार्ट-2 के बीच से गंदे पानी का एक बड़ा नाला गुजरता है, जिसे स्थानीय लोग बुढ़िया नाला कहते हैं। नाले के ऊपर से आने-जाने के लिए स्थानीय लोगों ने एक कच्ची पगडंडी बना रखी है। दो स्कूली बच्चे वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने ही पगडंडी के नीचे नाले के किनारे बच्ची का शव लोहे के जाल में फंसा देखा। लोहे के जाल में फंसा था शव, पुलिस ने लोगों की मदद से निकाला इसके बाद दोनों बच्चों ने घर जाकर परिवार को इसकी जानकारी दी। लोग मौके पर पहुंचे और करीब जाकर देखा तो पता चला कि बच्ची मृत अवस्था में नाले के किनारे फंसी हुई थी। इसके बाद तुरंत पल्ला थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पल्ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची के शव को नाले से बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला कि बच्ची की उम्र करीब डेढ़ साल है, जिसकी पानी में डूबने से मौत हुई है। क्राइम ब्रांच ने मामले की पड़ताल शुरू की, वीडियो मिला डेढ़ साल की मासूम बच्ची को नाले में फेंकने की बात सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे एरिया के सारे सीसीटीवी खंगाले। दो दिन बाद पुलिस के साथ कामयाबी लगी, जिसमें एक महिला मासूम बच्ची को गोद में लेकर जाती दिखाई दी। मगर, कुछ देर बाद जब वह लौटी, तो उसकी गोद में कोई नहीं था। सीसीटीवी 23 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे का था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार महिला को ढूंढ निकाला इसके बाद पुलिस ने इस सीसीटीवी के आधार पर महिला की तलाश शुरू की। पुलिस कर्मियों का आसपास के एरिया में महिला की फोटो लेकर भेजा गया। धीरज नगर एरिया में जब टीम पहुंची तो वहां के रहने वाले लोगों ने महिला को पहचान लिया। बताया कि यह महिला नीलम है, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और यहां अपने पति संजय के साथ कई सालों से स्लम एरिया में रहती है। इसके बाद टीम ने बताई गई जगह पहुंच कर नीलम को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताई ये बातें….


