Power Crisis in UP: राजधानी के महानगर क्षेत्र से जुड़े सुभाष पार्क पावर हाउस से सप्लाई होने वाले कई इलाकों में रविवार को बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रहीमनगर, तकरोही शांति नगर कॉलोनी, नायक नगर (सीतापुर रोड) और देवा रोड स्थित दयाल फार्म सहित कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच अचानक हुई इस कटौती ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की स्थिति और भी कठिन बना दी।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई इलाकों में एक घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रही, जबकि कुछ स्थानों पर स्थिति और भी खराब रही, जहां लंबे समय तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। तकरोही शांति नगर कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में एक घंटे से अधिक समय तक बिजली की आवाजाही जारी रही, जिससे लोगों की नींद पूरी तरह खराब हो गई। बार-बार आने-जाने वाली बिजली ने इन्वर्टर और अन्य उपकरणों को भी प्रभावित किया।
वहीं, सीतापुर रोड स्थित नायक नगर कॉलोनी में सुबह करीब 11 बजे से बिजली गायब होने की शिकायत सामने आई। यहां के निवासियों ने बताया कि उनके इलाके में एक फेज की सप्लाई चालू थी, जबकि दूसरा पूरी तरह से बंद था, जिसके कारण कई घरों में बिजली नहीं पहुंच पा रही थी। लोगों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी देने के लिए जब उन्होंने पावर हाउस के नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो लगातार फोन व्यस्त ही मिला।
दयाल फार्म, देवा रोड के उपभोक्ताओं ने भी लंबे समय से बिजली न आने की शिकायत की। यहां के लोगों का कहना है कि घंटों से बिजली गुल है, लेकिन शिकायत दर्ज कराने का कोई प्रभावी माध्यम उपलब्ध नहीं है। पावर हाउस का फोन नंबर लगातार व्यस्त बताने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले कई दिनों से लगातार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और फाल्ट की समस्या बनी हुई है। गर्मी के इस मौसम में जब बिजली की आवश्यकता सबसे अधिक होती है, उस समय इस तरह की अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। घरों में लगे पंखे और कूलर बंद होने से गर्मी असहनीय हो जाती है, वहीं पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई लोगों ने बताया कि घरों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग गर्मी के कारण बेचैन हो रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे संपर्क साधने में भी दिक्कत हो रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि संबंधित विभाग की ओर से शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों ने कहा कि पावर हाउस के फोन नंबर 24 घंटे व्यस्त रहने से ऐसा लगता है कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिससे लोगों का भरोसा व्यवस्था पर से उठता जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और शिकायत दर्ज कराने के लिए वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, फॉल्ट को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
गौरतलब है कि राजधानी में तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में बिजली की मांग भी चरम पर है। लेकिन मांग के अनुरूप सप्लाई और रखरखाव की व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर से शहर की बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर सरकार बेहतर सुविधाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि केवल दावे करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
फिलहाल, प्रभावित क्षेत्रों के लोग बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो लोगों का आक्रोश और भी बढ़ सकता है।


