फ्लाइट में सीटें खाली रहीं तो पूर्व पार्षद-बिजनेसमैन देंगे पैसा:कंपनियां खरीदेंगी 100-100 टिकट; जैसलमेर में पहली बार गर्मियों में शुरू होगी फ्लाइट

फ्लाइट में सीटें खाली रहीं तो पूर्व पार्षद-बिजनेसमैन देंगे पैसा:कंपनियां खरीदेंगी 100-100 टिकट; जैसलमेर में पहली बार गर्मियों में शुरू होगी फ्लाइट

जैसलमेर में पहली बार गर्मियों में फ्लाइट शुरू होने जा रही है। एयरलाइंस कंपनी एलायंस एयर ने 3 मई से जयपुर से जैसलमेर के बीच फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर दिया है। साल 2017 में जैसलमेर एयरपोर्ट शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक केवल विंटर सीजन में ही एयरलाइंस कंपनियां शेड्यूल जारी करती थीं। कारण था कि गर्मियों में यहां टूरिस्ट कम आते हैं। इस बार गर्मियों में फ्लाइट का संचालन कराने के लिए जैसलमेर के व्यापारी और कंपनियां आगे आई हैं। यहां के पूर्व पार्षद समेत होटल, सोलर और सीमेंट से जुड़ी कंपनियों ने एयरलाइंस कंपनी को गारंटी दी है। गारंटी ये है कि अगर कोई नुकसान होता है या पैसेंजर नहीं मिलते हैं तो इस शेड्यूल के दौरान होने वाला नुकसान ये लोग भरेंगे। शहर के पूर्व पार्षद और बिजनेसमैन पवन सुदा ने 21 लाख रुपए की पर्सनल गारंटी दी है। यानी एयरलायंस कंपनी को घाटा होने पर वे 21 लाख रुपए अपनी जेब से देंगे। यही नहीं, सीमेंट और पावर सेक्टर की कंपनियां हर महीने 100-100 टिकट बुक करेंगी ताकि फ्लाइट खाली नहीं रहें। मार्च में खत्म हो गया था विंटर शेड्यूल जैसलमेर से दिल्ली, जयपुर, मुंबई और बेंगलुरु के लिए फ्लाइट का विंटर शेड्यूल मार्च में खत्म हो गया था। इसके बाद जब कंपनियों की ओर से समर शेड्यूल जारी किया गया तो इसमें जैसलमेर का नाम नहीं था। एयरलाइंस कंपनियों ने ऑफ सीजन और लो पैसेंजर लोड का बहाना बनाकर जैसलमेर से दूरी बना ली। ऐसा साल 2018 से चल रहा था। इस बार समर शेड्यूल में फ्लाइट के संचालन के लिए जैसलमेर के व्यापारी आगे आए। उन्होंने एलायंस एयर से कहा- ‘आप उड़ान शुरू करिए, नुकसान हुआ तो उसकी भरपाई हम करेंगे।’ खास बात यह है कि इसके लिए कंपनी और व्यापारियों के बीच अभी तक किसी तरह के डॉक्यूमेंट्स और एमओयू पर साइन नहीं हुए हैं। व्यापारियों के कहने पर कंपनी जैसलमेर में फ्लाइट शुरू करने जा रही है। नुकसान की भरपाई व्यापारी करेंगे होटल व्यवसायी मयंक भाटिया ने बताया- सोलर, इवेंट और दूसरी कंपनियों ने गर्मियों में फ्लाइट शुरू करवाने के लिए सहयोग किया है। ये सारा प्रोसेस वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत किया जाएगा। यानी एयरलाइंस कंपनी को नुकसान होने पर भरपाई शहर के व्यापारी करेंगे। हमने प्रशासन के माध्यम से एयरलाइंस कंपनी से बात की। फरवरी में तत्कालीन कलेक्टर प्रताप सिंह ने एयरलाइंस कंपनी से बात की थी और ये प्रोसेस शुरू हुआ था। अभी कलेक्टर अनुपमा जोरवाल और अन्य अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। तीन तरह से गारंटी दी पर्सनल गारंटी: पूर्व पार्षद और बिजनेसमैन पवन सुदा ने एलायंस एयर को पर्सनल गारंटी दी है। कंपनी से वादा किया कि यदि कंपनी को कोई घाटा होता है तो 21 लाख रुपए वे देंगे। कॉर्पोरेट गारंटी: जैसलमेर की सीमेंट और पावर सेक्टर कंपनियां हर महीने 100-100 टिकट बुक करेंगी। यानी ये गारंटी रहेगी कि फ्लाइट खाली नहीं जाएगी। वीकली गारंटी: केबी को-ऑपरेटिव के विमल गोपा ने हर सप्ताह 50 हजार रुपए के टिकट खरीदने का भरोसा दिलाया है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख होटल व्यवसायी भी हर महीने एक निश्चित संख्या में टिकट बुक करवाएंगे। कोरोना में इसी माॅडल पर विंटर में भी हुआ था फ्लाइट का संचालन इससे पहले, साल 2021 में इसी तरह के मॉडल पर विंटर शेड्यूल को आगे बढ़ाया गया था। तत्कालीन कलेक्टर आशीष मोदी ने इसकी शुरुआत की थी। प्रशासन और व्यापारियों ने मिलकर एयरलाइंस कंपनी को यात्री भार की गारंटी दी थी। 2021 में कोरोना के बाद स्पाइस जेट ने 30 जनवरी को फ्लाइट बंद कर दी थी। इस पर स्पाइसजेट और टूरिस्ट बिजनेस से जुड़े व्यापारियों के बीच जिला प्रशासन ने एमओयू करवाया। इसमें सूर्यगढ़ होटल, रंगमहल, मैरियट, गिरधर स्मारक ट्रस्ट, सम वेलफेयर सोसाइटी, जैसलमेर टैक्सी यूनियन आदि ने मिलकर 84 लाख की वायबलिटी गैप फंडिंग की गारंटी दी थी। एक महीने की गारंटी के दौरान एयरलाइंस कंपनी ने जैसलमेर-जयपुर और जैसलमेर-अहमदाबाद फ्लाइट शुरू की थी। जब एक महीने तक अच्छा रिस्पॉन्स मिला तो कंपनी ने इस शेड्यूल को मार्च तक बढ़ा दिया था। नाइट टूरिज्म से पर्यटकों को जोड़ेंगे होटल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि यह कवायद दोबारा इसलिए की जा रही है, क्योंकि जैसलमेर की 80 प्रतिशत इकोनॉमी टूरिज्म पर टिकी हुई है। सर्दियों में यहां रिकॉर्ड टूरिस्ट रहते हैं। लेकिन, गर्मियों में टूरिज्म इंडस्ट्री नीचे आ जाती थी। ऐसे में इस बार तय किया गया कि गर्मियों के सीजन में नाइट टूरिज्म की शुरुआत की जाए। कनेक्टिविटी को ध्यान में रखा इस फ्लाइट के समय को इस तरह सेट किया गया है कि जयपुर पहुंचने वाले यात्री वहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे मेट्रो सिटीज के लिए दोपहर बाद की कनेक्टिंग फ्लाइट्स आसानी से ले सकें। इसके अलावा दिल्ली के लिए भी अलग से समर शेड्यूल के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। यह फ्लाइट शुरू होने से जैसलमेर से जयपुर और जयपुर से जैसलमेर आने का समय बचेगा। सड़क और ट्रेन से करीब 10 से 12 घंटे का समय लगता है। वहीं इस फ्लाइट के शुरू हो जाने से यह सफर 1 घंटा 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *