Rajasthan: गर्भवती हो गई थी नाबालिग, बलात्कार के बाद जान से मारने की दी धमकी, अब कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Rajasthan: गर्भवती हो गई थी नाबालिग, बलात्कार के बाद जान से मारने की दी धमकी, अब कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Minor Girl Rape Case: नाबालिग से रेप करके उसे गर्भवती करने के गंभीर मामले में पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। विशिष्ट न्यायाधीश लता गौड़ ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।

विशिष्ट लोक अभियोजक गोपाल लाल जाट ने बताया कि बेगूं थाना क्षेत्र की एक नाबालिग पीडि़ता के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार पीडि़ता के माता-पिता काम पर गए थे और वह घर पर छोटे भाई-बहनों के साथ थी।

जब वह पानी लेने गई, तब आरोपी लाला उर्फ अकील अली शाह निवासी पाया खेड़ी, मंदसौर ने उसे डरा-धमकाकर रेप किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी, जिससे पीडि़ता सहम गई। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीडि़ता को छह माह का गर्भ ठहर गया। माता-पिता के पूछने पर उसने आपबीती सुनाई, जिसके बाद बेगूं थाने में मामला दर्ज हुआ।

पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह और 32 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। दोनों दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए आरोपी लाला उर्फ अकील अली को बीस वर्ष का कठोर कारावास और 40 हजार रुपए जुर्माने से दंडि़त किया। साथ ही कोर्ट ने पीडि़ता को 3 लाख रुपए की सहायता राशि (प्रतिकर) दिलाने के भी आदेश दिए हैं।

कोटा में नाबालिग से बलात्कार में दोषी को 20 साल की सजा

कोटा के पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 75 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। जांच अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक घनश्याम मीणा ने बताया कि इस्तगासे के अनुसार, 22 फरवरी 2025 को पीड़िता अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची और रिपोर्ट दी कि 21 फरवरी की रात करीब 10 बजे वह अपनी बहन को बुलाने गई थी।

वहां आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया। बाद में पीड़िता ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामला लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में दर्ज किया। जांच अधिकारी ने मौके का निरीक्षण कर एफएसएल टीम बुलवाई, पीड़िता और परिजनों के बयान दर्ज किए तथा मेडिकल परीक्षण कराया।

डीएनए सैपल फोरेंसिक लैब भेजे गए। आरोपी सूरजमल गुर्जर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। न्यायालय में 13 गवाहों के बयान और 28 दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास और 75 हजार के जुर्माने से दंडित किया। आरोपी के खिलाफ पहले से छेड़छाड़, मारपीट, अवैध खनन और सरकारी कार्य में बाधा जैसे पांच मामले दर्ज हैं।

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