रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की कमी से यात्री परेशान:11 घंटे तक नहीं मिलती ट्रेन, ग्रामीणों ने सीधी कनेक्टिविटी की मांग की

रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की कमी से यात्री परेशान:11 घंटे तक नहीं मिलती ट्रेन, ग्रामीणों ने सीधी कनेक्टिविटी की मांग की

रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की कमी को लेकर यात्रियों में भारी नाराजगी है। सिकटा और आसपास के इलाकों के लोगों ने रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल ट्रेनों का विस्तार पर्याप्त नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा के अनुसार सीधी और समय पर ट्रेन सेवा शुरू की जानी चाहिए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रक्सौल से सुबह 4:40 बजे के बाद दोपहर 3:30 बजे तक नरकटियागंज और सिकटा की ओर कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं होती। इस तरह लगभग 11 घंटे तक रेल सेवा पूरी तरह ठप रहती है। इसके अतिरिक्त, दोपहर की ट्रेन भी अक्सर कई घंटे देरी से चलती है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। रेलवे ने हाल ही में कुछ ट्रेनों का विस्तार किया है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि इन ट्रेनों का समय आम लोगों के लिए सुविधाजनक नहीं है। विशेष रूप से, गोरखपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को अभी भी सीधी ट्रेन सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की मुख्य मांग है कि गोरखपुर से नरकटियागंज तक चलने वाली ट्रेनों को सिकटा होते हुए रक्सौल तक बढ़ाया जाए। इसके साथ ही, दोपहर के समय एक नियमित ट्रेन चलाने की भी आवश्यकता जताई गई है, ताकि 11 घंटे के अंतराल को कम किया जा सके। लोगों का मानना है कि रक्सौल को गोरखपुर से सीधी रेल सेवा मिलने से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक की यात्रा भी आसान हो जाएगी। यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। सिकटा के लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे स्टेशन पर बड़ा आंदोलन करेंगे और रेल चक्का जाम कर देंगे। लगातार हो रही अनदेखी के कारण जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की कमी को लेकर यात्रियों में भारी नाराजगी है। सिकटा और आसपास के इलाकों के लोगों ने रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल ट्रेनों का विस्तार पर्याप्त नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा के अनुसार सीधी और समय पर ट्रेन सेवा शुरू की जानी चाहिए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रक्सौल से सुबह 4:40 बजे के बाद दोपहर 3:30 बजे तक नरकटियागंज और सिकटा की ओर कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं होती। इस तरह लगभग 11 घंटे तक रेल सेवा पूरी तरह ठप रहती है। इसके अतिरिक्त, दोपहर की ट्रेन भी अक्सर कई घंटे देरी से चलती है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। रेलवे ने हाल ही में कुछ ट्रेनों का विस्तार किया है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि इन ट्रेनों का समय आम लोगों के लिए सुविधाजनक नहीं है। विशेष रूप से, गोरखपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को अभी भी सीधी ट्रेन सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की मुख्य मांग है कि गोरखपुर से नरकटियागंज तक चलने वाली ट्रेनों को सिकटा होते हुए रक्सौल तक बढ़ाया जाए। इसके साथ ही, दोपहर के समय एक नियमित ट्रेन चलाने की भी आवश्यकता जताई गई है, ताकि 11 घंटे के अंतराल को कम किया जा सके। लोगों का मानना है कि रक्सौल को गोरखपुर से सीधी रेल सेवा मिलने से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक की यात्रा भी आसान हो जाएगी। यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। सिकटा के लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे स्टेशन पर बड़ा आंदोलन करेंगे और रेल चक्का जाम कर देंगे। लगातार हो रही अनदेखी के कारण जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।  

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