औरंगाबाद में तेज रफ्तार हाइवा ने रोड क्रॉस कर रहे एक युवक को रौंद दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर से दूध लाने के लिए निकला था। मृतक की पहचान पोखराहा निवासी युगल सिंह के पुत्र ओमप्रकाश कुमार(36) के तौर पर हुई है। ओमप्रकाश अपने परिवार में मुख्य कमाऊ सदस्य था। जेसीबी मशीन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। घर में पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। जिसकी उम्र सिर्फ 5 और 7 साल है। घटना नबीनगर थाना क्षेत्र के बसन बिगहा मोड़ के पास की है। लोगों ने ड्राइवर को पकड़ा टक्कर मारने के बाद लोगों ने मौके से भाग रहे हाइवा ड्राइवर को पकड़ लिया। उसने बताया कि झपकी आने से हादसा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। प्रशासन से मुआवजे की मांग सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और पूर्व विधायक सदर अस्पताल पहुंचे। शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही परिवहन विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त संकेतक और निगरानी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। औरंगाबाद में तेज रफ्तार हाइवा ने रोड क्रॉस कर रहे एक युवक को रौंद दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर से दूध लाने के लिए निकला था। मृतक की पहचान पोखराहा निवासी युगल सिंह के पुत्र ओमप्रकाश कुमार(36) के तौर पर हुई है। ओमप्रकाश अपने परिवार में मुख्य कमाऊ सदस्य था। जेसीबी मशीन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। घर में पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। जिसकी उम्र सिर्फ 5 और 7 साल है। घटना नबीनगर थाना क्षेत्र के बसन बिगहा मोड़ के पास की है। लोगों ने ड्राइवर को पकड़ा टक्कर मारने के बाद लोगों ने मौके से भाग रहे हाइवा ड्राइवर को पकड़ लिया। उसने बताया कि झपकी आने से हादसा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। प्रशासन से मुआवजे की मांग सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और पूर्व विधायक सदर अस्पताल पहुंचे। शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही परिवहन विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त संकेतक और निगरानी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं।


